सिर्फ एक दिन में खुले में शौचमुक्त हुआ यूपी का गाँव अकोली 

सिर्फ एक दिन में खुले में शौचमुक्त हुआ यूपी का गाँव अकोली एटा से करीब 20 किलोमीटर दूर निधौलीकलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत लहरा के गाँव नगला अकोली में 24 घंटे में बनाए गए 98 शौचालय। फोटो: मोहम्मद आमिल

मो. आमिल, गाँव कनेक्शन

एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जिले का एक गाँव मात्र 24 घंटे के अंदर खुले में शौचमुक्त हो गया। सिर्फ 24 घंटे में ही गाँव में 98 शौचालय बनाकर एक रिकॉर्ड बनाया गया है। सांसद, विधायक, जिलाधिकारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने साथ मिलकर इस मुहिम को सफल बना रिकॉर्ड कायम किया है।

यह गाँव है नगला अकोली

यह गाँव एटा से करीब 20 किलोमीटर दूर निधौलीकलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत लहरा का गाँव नगला अकोली है। इस मुहिम में डीपीआरओ और यूनिसेफ के अधिकारियों ने भी कारसेवा के जरिए गाँव को खुले में शौचमुक्त करने में योगदान दिया। इस काम में एटा के सांसद राजवीर सिंह, विधायक मारहरा वीरेंद्र लोधी, जिला अधिकारी एटा अमित किशोर, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जयसवाल, यूनिसेफ के जिला समन्वयक विजय वर्मा, और सैकड़ो वॉलिंटियर और गाँववासी एक साथ कार सेवा कर शौचालय बनाए।

गाँव में 800 की आबादी में था मात्र एक शौचालय

गाँव नगला अकोली की ब्लॉक से दूरी मात्र 4 किलोमीटर है और गाँव में अधिकतर बंजारा समुदाय के लोग रहते हैं। ग्राम प्रधान राजवीर सिंह यादव ‘गाँव कनेक्शन’ को बताते हैं, "गाँव में इससे पहले मात्र एक ही शौचालय था। वहीं, गाँव में अधिकतर लोग मजदूर वर्ग से हैं, ऐसे में 100 से अधिक परिवार गाँव में हैं, आज गाँव में सभी के लिए शौचालय का निर्माण हो गया।"

संसद सत्र में कराया जाएगा अवगत

गाँव को एक ही दिन में ओडीएफ कराने को लेकर अधिकारी से लेकर सांसद, विधायक ने श्रमदान किया। एटा सांसद राजवीर सिंह ने इस कार्य को 15 दिसम्बर से शुरू होने वाले संसद सत्र में अवगत कराने की बात कही। ग्रामीणों को चौपाल के माध्यम से सम्बोधित करते हुए सांसद राजवीर सिंह ने कहा, "आज बड़ा ही सुखमय दिन है, एक ही दिन में जिला प्रशासन की पहल से गाँव के 98 परिवारों को एक साथ जो शौचालय उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है, वह वास्तव में सराहनीय कदम है।"

डीएम ने कहा, ‘सिर्फ शौचालय बनाने से काम नहीं चलेगा’

गाँव में एक ही दिन में बन रहे शौचालय को लेकर डीएम अमित किशोर ने कहा, "परिवर्तन एटा की शुरुआत की जा चुकी है, जिसके तहत एक ही दिन में नगला अकोली गाँव को ओडीएफ किया गया है, अब गाँव में कोई भी परिवार बिना शौचालय के नहीं बचेगा।“ उन्होंने गाँव वालों से अपील करते हुए कहा, “सिर्फ शौचालय बनाने से काम नहीं चलेगा, गाँव को ओडीएफ तभी माना जाएगा, जब गाँव के सभी परिवार शौचालय का शत-प्रतिशत प्रयोग करें। गाँव जब ओडीएफ होगा, तभी गाँव में विकास की गंगा बहेगी। गाँव को स्वच्छ, साफ सुथरा बनाने में सभी ग्रामीण अपना सहयोग करें, आदर्श गाँव बनाना ही जिला प्रशासन का लक्ष्य है।"

भीम ऐप से हुआ पहली किश्त का भुगतान

एक ही दिन में गाँव अकोली को खुले में शौच मुक्त करने के कार्य को पूरा करने के लिए सभी इंतजाम किए गए थे। गाँव में जहां बड़ी तादाद में सीमेंट, ईंटे व अन्य निर्माण सामग्री पहुंचाई गई, वहीं इसके भुगतान के लिए भी अलग से इंतजाम किया गया, इस दौरान प्रधानमंत्री के डिजीटल इण्डिया के सपने को साकार करने के उद्देश्य से भीम ऐप के माध्यम से शौचालय के लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में 6 हजार रुपये की धनराशि उनके खातों में सांसद, विधायक, डीएम के हाथों से भेजी गई। गाँव को एक ही दिन में ओडीएफ करने के लिए गाँव अकोली में अधिकारियों व राजनेताओं का डेरा डल गया। ऐसे में सभी के खाने के लिए खिचड़ी भोज का इंतजाम किया गया।

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