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निजी स्कूलों की मनमानी पर फूटा अभिभावकों का गुस्सा

निजी स्कूलों की मनमानी पर फूटा अभिभावकों का गुस्साकान्वेंट स्कूलों में हर वर्ष बढ़ती फीस अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

अमरकांत, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

बरेली। शहर के कान्वेंट स्कूलों में हर वर्ष बढ़ती फीस अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। फीस बढ़ने के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित है।

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कर्मचारी नगर नैनीताल बाईपास पर स्थित द गुरु स्कूल द्वारा अचानक फीस में नर्सरी कक्षा के 1500 रुपए और कक्षा 1 से 5 तक की 1800 रुपए प्रति तिमाही की बढ़ोतरी की गयी, जिस पर अभिभावकों द्वारा स्कूल के प्रधानाचार्य रिचर्ड महत्रो से मुलाकात की औँर बढ़ी हुई फीस को वापस करने की विनती की, परन्तु उन्होंने मनेजमेंट का हवाला देते हुए फीस वापसी से इंकार कर दिया। शहर के कर्मचारी नगर में रहने वाली मोनिका अग्रवाल बताती हैं, “गुरु मल्होत्रा जिनका स्कूल है, उन्ही की किताबों की दुकान है,जिसके कारण अभिभावकों का जमकर शोषण किया जाता है।

डायरी के नाम पर 100 रूपये किताबों-कापियां जो साल भर खोली भी नहीं जाती हैं, जानबूझ कर बच्चों के कोर्स में रखी जाती है और फीस में पुस्तकालय के नाम पर भी फीस ली जा रही है।”लोगों ने फीस में बढ़ाई गयी रकम का ब्यौरा माँगा तो स्कूल प्रशासन इसका जवाब नहीं दे सका। वहीं, अभिभावक शिक्षक मण्डल के प्रान्तीय अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने बताया, एनसीआरटी द्वारा 11 फ़रवरी को नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें स्कूल से उनकी छात्रों की संख्या के आधार पर आवश्यकता पूछी गयी थी लेकिन निजी फायदे के लिए स्कूल अभिभावकों के साथ मनमाना व्यवहार रखते हैं। प्रकाशनों से मिलीभगत करके 50% से ज्यादा लाभ कमाया जाता है।

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