पासपोर्ट बनाने में भ्रष्टाचार करने वाला सहायक पासपोर्ट अधिकारी गिरफ्तार 

पासपोर्ट बनाने में भ्रष्टाचार करने वाला सहायक पासपोर्ट अधिकारी गिरफ्तार एटीएस ने 6 अऩ्य आरोपियों को भी किया गिरफ्तार। फोटो- साभार पुलिस पीआरओ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिए की एटीएस टीम ने बुधवार को पासपोर्ट सेवा केन्द्र लखनऊ के सहायक पासपोर्ट अधिकारी सुधारक रस्तोगी को गिरफ्तार किया। रस्तोगी पर आरोप है कि गलत तरीके से पासपोर्ट बनाने वाले एक गिरोह के साथ मिलकर फर्जी कागजात के आधार पर पासपोर्ट जारी करने और पासपोर्ट के श्रेणी में परिर्वतन करते थे। उनके खिलाफ एटीएस के गोमती नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है।

27 मार्च को एटीएस की टीम ने पांच जगहों पर दबिश देकर जाली दस्तावेज के आधार पर सामान्य पासपोर्ट को ईसीएनआर पासपोर्ट में तब्दील करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में छह अभियुक्तों को एटीएस ने गिरफ्तार भी किया था। उत्तर प्रदेश एटीएस को कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो फर्जी कागजातों के आधार पर पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से पासपोर्ट बनाकर लोगों को खाड़ी देश भेजता है।

इस सूचना के आधार पर एटीएस के आईजी असीम अरुण ने एटीएस की टीमों को इस मामले में खुलासा करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद एटीएस के टीम ने इस मामले में कार्रवाई की थी। जिसमें पता चला कि एजेंटों के माध्यम से पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारी पैसा लेकर जाली दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने के साथ ही सामान्य पासपोर्ट को ईसीएनआर यानि इमिग्रेशन चेक नाट रिक्वायर्ड में तब्दील करा रहे हैं।

एटीएस की टीम ने संदिग्धों के ठिकानों पर छापे मारकर छह अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके पास से 73 पासपोर्ट, लैपटाप, कंप्यूटर प्रिंटर और अन्य कागजात बरामद किए थे। गिरफतार अभियुक्तों के नाम लखनऊ के चौक थाना निवासी मोहम्मद मारूफ, कैसरबाग निवासी मोहम्मद फैसल, अमीनाबाद निवासी मोहम्मद जावेद नकवी, अमीनाबाद का ही अरमान खान, एलडीए कालोनी निवासी कुलविंदर सिंह और हुसैनगंज निवासी मोहम्मद शोएब अंसारी थे।

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जो व्यक्ति नौकरी के लिए कुछ चुनिंदा देशों में जाते हैं उन्हें इमिग्रेशन चेक से गुजरना पड़ता है। यदि उनके पासपोर्ट पर ईसीएनआर यानि इमिग्रेशन चेक नाट रिक्वायर्ड का स्टैंप न लगी तो उन्हें उस देश में नौकरी नहीं मिलती है। यह देश हैं बहरीन, ब्रुनेई, कुवैत, जार्डन, लीबिया, ओमान, कतर, सउदी अरब और यूएई हैं। जहां भेजने के लिए फर्जीवाड़ा किया जा रह था।

इस बारे में जानकारी देते हुए एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया '' पासपोर्ट के फर्जीवाड़े से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित होती है। लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में एक व्यक्ति संदेह के घेरे में था उनकी पड़ताल की जा रही है। पड़ताल में पता चला कि वह व्यक्ति पासपोर्ट सेवा केन्द्र लखनऊ का सहायक पासपोर्ट अधिकारी सुधारक रस्तोगी है। जिसको रामनगर कालोनी एशबाग से गिरफ्तार किया गया है। ''

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