भारत में रक्तदान करने वाले कम, रक्तदान को लेकर प्रदेश में चलेगा जागरूकता अभियान

Basant KumarBasant Kumar   13 Jun 2017 10:54 AM GMT

भारत में रक्तदान करने वाले कम, रक्तदान को लेकर प्रदेश में चलेगा जागरूकता अभियानहरी झंडी दिखाकर रैली की शुरुआत करते मंत्री आशुतोष टंडन 

लखनऊ। ‘‘आपके रक्तदान से किसी का जीवन बच सकता है और रक्तदान करने वाले को कोई हानि नहीं होती बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभ ही होता है। लोगों के जीवन को बचाने के लिए यह बात हमें जन-जन तक पहुंचानी है।’’ ये बातें प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने रक्तदान जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाते हुए कहा।

विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) द्वारा मंगलवार सुबह रक्तदान जागरूकता रैली का आयोजन शताब्दी फेस-टू केजीएमयू से शहीद स्मारक तक किया गया। इस रैली का उद्घाटन आशुतोष टंडन ने किया।

वर्ष 1997 में में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 100 फीसदी स्वैच्छिक रक्तदान नीति रखते हुए विश्व रक्तदान दिवस की शुरुआत की थी। रक्तदान दिवस नोबेल पुरस्कार से सम्मानित विख्यात ऑस्ट्रियाई जीवविज्ञानी कार्ल लेण्डस्टाइनर याद में उनके जन्मदिन के दिन मनाया जाता है।

फेसबुक और ट्वीटर के जरिए रक्तदान के लिए जागरूक करने की कोशिश

रक्तदान जागरूकता रैली में पहुंचे केजीएमयू के कुलपति एम एल बी भट ने गाँव कनेक्शन से बातचीत करते हुए बताया, ‘यह लोगों की भ्रांतियां है कि खून देने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। वास्तव में यह देखा गया है कि अगर व्यक्ति की खाने पीने की व्यवस्था ठीक है तो रक्तदान से स्वास्थ्य पर खराब की जगह अच्छा असर पड़ता है। शरीर में रक्त का उत्पादन और बढ़िया हो जाता है।’

चिकित्सा स्वास्थ्य के सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी के निर्देशक आलोक कुमार ने बताया, ‘समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता के लिए ही हम विश्व रक्तदान दिवस पर रैली का आयोजन कर रहे है। अधिक से अधिक गाँवों और शहरों में जाकर लोगों को जागरूक करने की कोशिश है। हर स्वास्थ्य व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करनी चाहिए। आज के समय में भी हमारे यहां रक्तदान करने वालों की संख्या बहुत कम है और जिसके कारण कभी-कभी हमें प्रोफेशन रक्तदान करने वालों पर निर्भर होना पड़ता है।’

रैली में शामिल महिलाएं

सबसे ज्यादा भ्रांति ग्रामीण इलाकों में है। इसको लेकर क्या काम हो रहा है, सवाल के जवाब में आलोक कुमार ने बताया, ‘‘ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी है। लोगों को जागरूक करने और रक्तदान करने को लेकर प्रदेस भर में काम किया जाएगा। हर डिविजनल ऑफिस में हम मोबाइल बैन का इंतजाम करने जा रहे है।’

फेसबुक और ट्वीटर के जरिए जागरूक करने की कोशिश

केजीएमयू सोशल नेटवर्किंग साइड फेसबुक और ट्वीटर के जरिए भी लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक करेगा। इसका उद्घाटन मंत्री आशुतोष टंडन ने किया। इस सम्बन्ध में जानकरी देते हुए केजीएमयू के ट्रान्सफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ तुलिका चन्द्रा ने बताया, ‘सोशल नेटवर्किंग साइड पर आने का कारण था कि लोगों से हम जुड़े और रक्तदान को लेकर जागरूक करें। लोग रक्तदान को लेकर सवाल पूछ सकें और उन्हें हम सही-सही जवाब दे सके।’

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