आजम खान ने लौटाई शंकराचार्य की दी हुई गाय, कहा-गोरक्षकों से लगता है डर

गाँव कनेक्शनगाँव कनेक्शन   10 April 2017 12:00 PM GMT

आजम खान ने लौटाई शंकराचार्य की दी हुई गाय, कहा-गोरक्षकों से लगता है डरgaonconnection

रामपुर। राजस्थान के अलवर में गोतस्करी के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या के बाद आजम खान ने शंकराचार्य से मिली गाय लौटा दी है। उन्हें यह गाय करीब डेढ़ साल पहले भेंट में स्वामी अधोक्षानंद महाराज ने दी थी। आजम ने यह कहते हुए गाय वापस कर दी कि कोई स्वयंभू गोरक्षक उनकी हत्या कर सकता है।

आजम ने एक पत्र के साथ गाय और उसकी बछिया को वाहन से मथुरा भिजवा दिया। पत्र के जरिए उन्होंने माफी मांगी और कहा कि राजस्थान के अलवर में हुई घटना से हम जैसे कमजोर लोगों के लिए जिंदगी और मौत का सवाल खड़ा हो गया है। ऐसे में यदि गाय और बछिया के साथ अनहोनी होती है, तो मुस्लिम और इंसानियत की दुश्मन ताकतों को बेगुनाहों के कत्लेआम का बहाना मिल जाएगा।

इस बात का ध्यान रखते हुए की रास्ते में कोई अनहोनी न हो जाए, उन्होंने गाय के साथ सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमेंद्र सिंह चौहान को मथुरा भेजा नाकि किसी मुस्लिम को। आजम ने इसके बाद मीडिया में बयान भी दिया कि सत्ता में बैठे लोगों ने आंखें मूंद रखी हैं। गाय एक धर्म की संपत्ति नहीं है बल्कि बाबर से लेकर बहादुरशाह जफर तक ने इसकी हिफाजत का जिम्मा लिया था। लेकिन आज आधे हिन्दुस्तान में गोवध को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है।

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मीडिया से बातचीत में आजम ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने आंखें मूंद रखी हैं। गाय एक धर्म की बपौती नहीं है बल्कि बाबर से लेकर बहादुरशाह जफर तक ने इसकी हिफाजत का जिम्मा लिया था। लेकिन आज आधे हिन्दुस्तान में गोवध को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। बांग्लादेश के बार्डर पर हर रोज हजारों गायों की तस्करी होती है। यदि ऐसा होता रहा तो देश की गायों से बांग्लादेश संपन्न राष्ट्र बन जाएगा। बांग्लादेश के मेहमान के लिए खजाना लुटाया जा रहा है और देश का किसान आत्महत्या कर रहा है। संघ चालक मोहन भागवत पूरे देश में गो हत्या पर पाबंदी लगाने की बात पर आजम ने कहा कि यह तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था।

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