बाराबंकी : कृषि मेला लगाकर किसानों को दी जा रही योजनाओं की जानकारी

बाराबंकी : कृषि मेला लगाकर किसानों को दी जा रही योजनाओं की जानकारीकृषि मेला।

बाराबंकी। आज बाराबंकी जिले के पारम्परिक देवा मेला परिसर में कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही कृषि सूचना तंत्र का सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत पांच दिवसीय विराट किसान मेले का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में किसान गोष्ठी/प्रदर्शनी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सूर्य प्रताप शाही द्वारा किया गया।

सबसे पहले उप कृषि निदेशक, बाराबंकी द्वारा कृषिविभाग द्वारा संचालित योजनाओं, रबी फसलों के कृषि निवशों की उपलब्धता आदि पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में विभिन्न कृषि सम्वर्गीय विभागों द्वारा तैयार कराई जा रही संकलित कार्ययोजना के बारे में विस्तृत चर्चा करते हुये किसानों को अवगत कराया गया कि खेती के साथ अन्य विधाओं के प्रयोग से ही आय में वृद्धि की जा सकती है।

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संयुक्त कृषि निदेशक, ब्यूरो आनन्द त्रिपाठी द्वारा किसानों को नई एवं उन्नत तकनीकी के प्रयोग से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के सम्बन्ध में विस्तार से बताया गया। कृषि निदेशक सोराज सिंह ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की संस्तुतियों के आधार पर संतुलित उर्वरकों के प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कुलपति अख्तर हसीब द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से कृषकों की आय में वृद्धि के मॉडल के स्थलीय प्रदर्शन के माध्यम से कृषकों को नई विधा से खेती करने के बारे में अवगत कराया गया। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री द्वारा कृषकों को भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितोपयोगी चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई कि सरकार किसानों के प्रति पूर्ण रूप से संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने एवं लागत घटाने हेतु कृतसंकल्प है।

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कृषिमंत्री द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सरसो के मिनीकिट एवं अनुदान पर कृषिरक्षा उपकरण भी बांटे गए। साथ ही कृषिमंत्री द्वारा फार्म मशीनरी बैंक योजनान्तर्गत चयनित दो समूहों के अध्यक्षों को अनुदान के संकेत के रूप में ट्रैक्टर की चाभी प्रदान की गई। मंत्री द्वारा एग्रीजंक्शन के चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिया गया।

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बाराबंकी जिले के किसान नई तकनीक अपनने में अव्वल है, उन्होने सबसे पहले ड्रमसीडर का सफल उपयोग किया गया। सरकार द्वारा गन्ना के सभी किसानों का भुगतान किया जा चुका है। प्रदेश में 8 हजार कुन्तल उच्च गुणवत्तायुक्त बीज विभिन्न संस्थाओं द्वारा तैयार करवाया जा रहा है, जिससे अधिक उत्पादन होगा। किसानों को गेहॅू पर 14 सौ रुपये प्रति कुन्तल की सब्सडी उपलब्ध कराई गयी है। इसके अतिरिक्त दलहन/तिलहन के बीजों पर भी छूट है। कृषि यन्त्रों पर भी सुनिश्चित अनुदान की सुविधा उपलध कराई जा रही है।

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