बाराबंकी: अस्तित्व के इंतजार में शव वाहन, जिला अस्पताल में खा रहे घूल

Kavita DwivediKavita Dwivedi   4 Jun 2017 12:58 PM GMT

बाराबंकी: अस्तित्व के इंतजार में शव वाहन, जिला अस्पताल में खा रहे घूलशव वाहन अपने अस्तित्व के इंतजार में।

बाराबंकी। मरीजों के ईलाज के लिये राज्य सरकार द्वारा जहाँ एक ओर एम्बुलेंस का इंतजाम किया गया है वहीँ दूसरी ओर ईलाज के दौरान मृत्यु या पोष्टमार्टम के बाद शव को परिजन आसानी तक ले जाएं उसके लिए शव वाहन की व्यवस्था भी करी है।

लेकिन बाराबंकी जिला अस्पताल में इन शव वाहनों की हालत कुछ और ही बयान कर रही है। जिला अस्पताल में खड़े इन वाहनों में धुल मिट्टी के साथ साथ जंग लगने से ये वाहन कबाड़ हो चुके हैं। डीएम अखिलेश तिवारी के औचक निरीक्षण के बाद इन शव वाहनों को तत्काल शुरू करने का फरमान सुनाया है।

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बाराबंकी स्थित सरकारी अस्पताल में कर्चारियों में उस वक्त हडकंप मच गया जब जिले के हाकिम ने पूर्व सूचना के बिना अस्पताल में दस्तक दी। जिलाधिकारी के निरीक्षण में विभाग की बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब शव वाहन परिसर में धुल खाते दिखे। वाहन संख्या यूपी-41 जी-3725 व एमपी11-टीआरआर-7654 चार महीने पहले ही अस्पताल को मिलें है जिनकी कीमत लगभग 15 से 20 लाख रुपये बताई जा रही है।

अस्पताल परिसर में खड़ी गाड़ी।

साथ ही रेड क्रॉस सोसाइटी की एम्बूलेंस वैन संख्या -यूपी 41 टी -5744 भी खड़े खड़े कंडम हो गयी है। वहीँ विभाग ड्राइवर की कमी का रोना रो रहा है। फिलहाल ये दो ऐसे नये सरकारी शव वाहन हास्पिटल में धूल खा रहे है जो कुछ दिन पूर्व ही विभाग को गरीबों के लिए ये दोनो शव वाहन उपलब्ध कराने हेतु दिए गये थे जिन पर अभी नम्बर प्लेट भी नही पड़ी है। मामले में जिलाधिकारी ने तत्काल इन्हें सुचारू रूप से चलाने के कठोर निर्देश हास्पिटल प्रसाशन को दिए है।

इतना ही नही निरिक्षण के दौरान डीएम अखिलेश तिवारी से महिला हॉस्पिटल में अपनी बहू की डिलीवरी कराने आयी तहसील रामसनेहीघाट के कुड़वासा गाँव की 55वर्षीय महिला शांति देवी ने भी अपने साथ हए दुर्व्यवहार को लेकर बेलगाम हो चुके स्वास्थ्य कर्मचारी की शिकायत की है। शांति डीएम से हाथ जोड़कर बताने लगी साहब हॉस्पिटल में मंगलवार शाम 5बजे उसकी बहू पूजा देवी को बच्चा हुवा था बच्चे के पेट में कुछ तकलीफ थी जिसकी शिकायत उसने दूसरे दिन इमरजेंसी में बैठे स्टाप से की तो उन लोगों ने उसके साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया बल्कि हॉस्पिटल के अंदर से उसे डाँट फटकार कर भगा दिया।

खराब एंबुलेंस।

इस मामले में जिलाधिकारी ने आरोपी स्वास्थ्य कर्मचारी का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के आदेश महिला हॉस्पिटल के प्रभारी को दिए है। बातचीत के दौरान डीएम ने बताया की उन्होंने हॉस्पिटल में निरिक्षण के दौरान बहुत सी कमियां देखी गई है उन्होंने कहा हॉस्पिटल से निकलने वाले कचरे को सही तरीके से रखा नहीं जा रहा है जिसके चलते कीटाणु हॉस्पिटल में फैलने से लोग और बीमारी की चपटे में आ सकते है।

बाराबंकी डीएम अखिलेश तिवारी ने किया औचक निरीक्षण।

साथ ही उन्होंने बेकार खड़े शव वाहन को तत्काल ड्राइवर रख उसे चालू कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा महिला हॉस्पिटल में जच्चा बच्चा वार्ड में तो अनगिनत अनियमितताएं पायी गयी है दर्जनों महिलाओं ने शिकायत की है हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद बच्चों के लिए बेहतर इलाज की कोई ब्यवस्था नहीं है। उनको इस दौरान एक मरीज के परिजन भी मिले जिन्होंने मजबूरन अपने मरीज को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाकर भर्ती करवाया। उन्होंने कहा जरुरत मंद पैरासीटामाल जैसी दवाएं हॉस्पिटल में नहीं है इसके लिए भी उन्होंने दवा सप्लाई करने वाले के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही है।

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