22 महीने में 850 किसानों ने की आत्महत्या, योगी आदित्यनाथ दें ध्यान: भारतीय किसान यूनियन

22 महीने में 850 किसानों ने की आत्महत्या, योगी आदित्यनाथ दें ध्यान: भारतीय किसान यूनियनभारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसानों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए मांग की है

लखनऊ। महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश की तरह उत्तर प्रदेश में किसानों आत्महत्या के मामले बढ़े हैं। फसल बर्बाद होने और बैंकों के कर्ज से दबे 22 महीनों में प्रदेश में 859 किसानों ने आत्महत्या की है, जिसमें से सिर्फ 185 किसानों को ही सरकार की तरफ से मुआवजा मिला है।

भारतीय किसान यूनियन ने किसान आत्महत्या के मामले को जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसानों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए मांग की है। भारतीय किसान यूनियन के मुख्य प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, ‘बुंदेलखंड के किसान सबसे ज्यादा बदहाल हैं। स्थिति यह है कि किसानों की आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले यहीं से हैं। ऐसे में इस बार सरकार से उम्मीद है कि वह इसपर ध्यान देगी।’

गुरुवार को मुख्यमंत्री बुंदेलखंड के दौरे पर गए। प्रदेश में बुंदेलखंड ही वह हिस्सा है जहां पर सबसे ज्यादा बदहाली है। पिछले कई साल से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में किसानों के आत्महत्या के कई मामले सामने आते रहे हैं। खेती-किसानी बर्बाद होने से यहां से लोगों का पलायन भी बढ़ा है। ऐसे में बुंदेलखंड को राहत देने के लिए बुंदेलखंड पैकेज की मांग भी पिछले कई वर्षों से की जा रही है।

बुंदेलखंड के किसान सबसे ज्यादा बदहाल हैं। स्थिति यह है कि किसानों की आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले यहीं से हैं। ऐसे में इस बार सरकार से उम्मीद है कि वह इसपर ध्यान देगी।
राकेश टिकैत, मुख्य प्रवक्ता, भारतीय किसान यूनियन

प्रदेश की कमान संभालते हुए योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 47 करोड़ रुपए की राशि जारी की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से बुंदेलखंड में पानी मुहैया कराने का आदेश दिया था। इसके अलावा उन्होंने बुंदेलखंड की जमीनी हकीकत की जानकारी लेने के लिए बुंदेलखंड दौरे की बात की थी। उसके बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड दौरा किया।

यहां पर किसानों के आत्महत्या के मामले पर किसानों के परिवार को तुरंत राहत देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अब प्रदेश में कोई किसान आत्महत्या नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के कायाकल्प के लिए एक बड़ी योजना तैयार की जा रही है। बुंदेलखंड में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही यहां पर कृषि को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा।

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