हर पंचायत में बनेगा विकास का कैलेंडर 

हर पंचायत में बनेगा विकास का कैलेंडर हर पंचायत में बनेगा विकास का कैलेंडर 

ऋषि मिश्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 59 हजार ग्राम पंचायतों में विकास के लिए अब बेहतर प्लानिंग होगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत को अब अपना एनुअल प्लान बनाना पड़ेगा। इस प्लान के तहत मनरेगा, स्वच्छ भारत अभियान, ग्रामीण सड़क, आवास और अन्य बिंदुओं की कार्ययोजना बना कर पंचायत विभाग को देनी होगी। उसी हिसाब से गांवों के लिए विकास का बजट शासन तय करेगा। इस संबंध में पंचायती राज विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

इस संबंध में शासन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। पंचायतीराज विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि, विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध धनराशि के आधार आंकलन करते हुए ग्राम पंचायतों द्वारा वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जायेगी। ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना में एकरूपता के लिए समय-समय पर निर्देश दिये गये हैं।

विभिन्न योजनाओं और अनुदान मुख्यतः चतुर्थ राज्य वित्त आयोग, 14वाँ वित्त आयोग एवं मनरेगा में अनुमन्य कार्यों में बेहतर किये जाने की आवश्यकता है, जिससे की संसाधनों का बेहतर प्रबन्धन किया जा सके। इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। चतुर्थ राज्य वित्त आयोग, 14वाँ वित्त आयोग और मनरेगा से संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए आवश्यक होगा कि ग्राम पंचायतों द्वारा विकसित की गयी कार्ययोजना में अनुमन्य कार्यों का अभिसरण किया जाये एवं ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित कार्ययोजना में लाया जाये।

इन बिंदुओं पर बनेगी कार्ययोजना

प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़क, निजी एवं सार्वजनिक शौचालय, ग्रामीण पेयजल, पंचायत भवन, कूड़ा निस्तारण, तालाब खोदाई, कब्रिस्तान और श्मशान की चारदीवारी आदि के संबंध में प्रधानों वार्षिक कार्ययोजना प्रधानों को बनानी पड़ेगी। जिसको पंचायतीराज विभाग के अनुमोदन के बाद काम तेजी से शुरू किया जाएगा। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

“पंचायतों को और अधिक मजबूत बनाने और गांवों में विकास को नियोजित करने के लिए अब काम तेजी से होगा। इस संबंध राज्य सरकार की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। अब प्रधानों को वार्षिक कार्ययोजना बना कर देनी होगी।”

चंचल कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज

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