यूपी में अगले साल से नकल मुक्त परीक्षा : शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह 

Manish MishraManish Mishra   27 April 2017 2:58 PM GMT

यूपी में अगले साल से नकल मुक्त परीक्षा : शिक्षा  राज्य मंत्री संदीप सिंह शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह।

लखनऊ। परीक्षाओं में नकल रोकने, बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, और मिड-डे मील में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार कड़े से कड़े कदम उठाएगी।

गाँव कनेक्शन से विशेष बातचीत में उत्तर प्रदेश के शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा, “बच्चों को जुलाई के पहले हफ्ते में किताबें उपलब्ध कराने का सरकार पूरा प्रयास करेगी। यही नहीं, अगले साल से प्रदेश में नकल मुक्त परीक्षा होगी।”

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र और प्रदेश के अब तक के सबसे युवा मंत्री संदीप सिंह (26 वर्ष) के पास बेसिक, माध्यमिक, उच्च व प्रावधिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।

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ग्रामीण शिक्षा के गिरते स्तर पर संदीप सिंह ने कहा, “स्कूलों में टीचर समय से पहुंचे और बच्चों को पढ़ाने में कोई कोताही न हो, इसके लिए स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन और कैमरे लगवाए जाएंगे, जिससे अध्यापकों की उपस्थिति देखी जा सके।”

अपने बाबा और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से संदीप सिंह जरूरत पर सलाह लेते हैं। वह कहते हैं, “बाबा जी का आशीर्वाद हमेशा मेरे ऊपर है, शपथ लेने से पहले उन्होंने कहा कि काम करने का मौका मिला है, सच्चे मन से काम करना है, किसी भी तरह का भेदभाव न करके सबके लिए काम करना है।” संदीप सिंह ने जीत के अंतर में अपने बाबा कल्याण सिंह को भी पीछे कर दिया।

बच्चों का पैसा उनके उपयोग में आए, इसे चेक करने मैं खुद ही स्कूलों का औचक दौरा करूंगा।
संदीप सिंह, शिक्षा राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश

शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह से बात करते सह संपादक मनीष मिश्र।

बोर्ड परीक्षाओं में नकल न रुक पाने पर शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा, “नकल को लेकर पिछली सरकारों में बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया। भाजपा की सरकार में शिक्षा का स्तर हमेशा अच्छा रहा है, नकल पर भी रोक लगाई गई, इस बार काफी हद तक हम नकल रोक पाए हैं। अगले साल नकल मुक्त परीक्षा होगी।” “बच्चों को अच्छी सुविधाएं मिलें। हमारी सरकार दो ड्रेस, मोजे-जूते, बैग और स्वेटर भी उपलब्ध कराएगी,” उन्होंने कहा।

बच्चों को बांटी जाने वाली करोड़ों रुपये की किताबों का टेंडर समय से न होने, सत्र बीत जाने के बाद स्कूलों में किताबे बंटने पर संदीप सिंह ने कहा, “सरकार का पूरा प्रयास है कि जुलाई के पहले हफ्ते तक बच्चों को किताबें मिल जाएं, बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इस ओर ध्यान है,” आगे कहा, “जब से नई सरकार बनी है, जो टेंडर निर्धारित थे उन सभी को रद्द कर दिया गया है। अब ई-टेंडर की सुविधा होगी, जिसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।”

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