यूपी : इस स्कूल में बिना बैग के आते हैं बच्चे 

Anil ChaudharyAnil Chaudhary   2 Nov 2017 4:22 PM GMT

यूपी : इस स्कूल में बिना बैग के आते हैं बच्चे उच्च प्राथमिक विद्यालय बरहा बना जनपद का पहला बैगलेस विद्यालय।

पीलीभीत। आजकल छोटे-छोटे बच्चों पर पढ़ाई के लिए ढेर सारी किताबों का बोझ लाद दिया जाता है, लेकिन जिले में एक ऐसा भी स्कूल भी जहां पर बच्चे बिना कॉपी किताब के हर रोज आते हैं।

मरौरी ब्लॉक के गाँव बरहा स्थित करीब 216 बच्चों के इस विद्यालय में शिक्षण कार्य करा रहे कई शिक्षक राज्यपाल पुरस्कार व राष्ट्रपति पुरुस्कार से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। जिसमें प्रधानाध्यापक गंगाराम और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक ममता गंगवार सहित शाहजहां बेगम, मीना, किरण विजय लक्ष्मी, संतोष खरे और रवीना जैसी अध्यापिकाएं हैं।

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उतर गया बच्चों के शरीर से किताबों से भरा भारी-भरकम बैग का बोझ।

स्कूल को बैगलेस करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले शिक्षक संतोष खरे इस बारे में बताते हैं, "इस बार शिक्षण सत्र शुरू होने पर नई किताबें ना आने के कारण बच्चों को पुरानी किताबें वितरित कर दी गई थी। इसके बाद नई किताबें विद्यालय में पहुंचने पर नई किताबें भी बच्चों में बांटी गई। अब प्रत्येक बच्चे पर किताबों के दो सेट हो जाने पर विद्यालय के शिक्षकों के दिमाग में यह विचार आया कि क्यों ना विद्यालय को बैगलेस कर दिया जाए।"

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वो आगे कहते हैं, "इसके बाद बच्चों से पुरानी किताबों के पूरे सेट को घर पर रखने व नई किताबें और कॉपियों के सेट को विद्यालय में ही जमा करने के को कह दिया गया, जिसके तहत बच्चे मात्र स्कूल में एक डायरी और एक कॉपी लेकर ही आते हैं। शिक्षण कार्य के लिए स्कूल से किताबें, कॉपियां उपलब्ध करा दी जाती हैं ।“

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अपनी बात को जारी रखते हुए वो आगे बताते हैं, “पहले बच्चे जिन विषयों को स्कूल में पढ़ते हैं उन्हीं को वह पुरानी किताबों के माध्यम से घर पर पढ़कर रफ कॉपी पर लिख कर रिवीजन करते हैं। विद्यालय का प्रत्येक बच्चा अगले दिन होने वाली पढ़ाई के विषय में पहले से ही घर से तैयारी करके आता है, जिसकी वजह से उनके शिक्षा स्तर में लगातार काफी सुधार होता जा रहा है।"

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