सोनभद्र के दुद्धी में अध्यापकों की कमी का दंश झेल रहे बच्चे

सोनभद्र के दुद्धी में अध्यापकों की कमी का दंश झेल रहे बच्चेयहां पर एकमात्र राजकीय इंटर कालेज में अध्यापकों की कमी है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

सोनभद्र। जिला का सबसे पिछड़ा और आदिवासी क्षेत्र माना जाने वाला दुद्धी ब्लॉक में आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। शिक्षा के क्षेत्र में भी ये सबसे पिछड़ा माना जाता है क्योंकि यहां पर एकमात्र राजकीय इंटर कालेज में अध्यापकों की कमी है।

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जिला मुख्यालय से लगभग 62 किमी दूर दुद्धी ब्लॉक में इंटर तक की पढ़ाई के लिए राजकीय इंटर कालेज है। राजकीय इंटर कालेज के एक शिक्षक नाम न बताने की शर्त पर बताते हैं, “विद्यालय में पढ़ाई की स्थिति काफी गंभीर है। जिन-जिन विषयों के टीचर नहीं है उन विषयों की छात्रों को कोई जानकारी नहीं है। बच्चे स्कूल के समय सिर्फ घूमा ही करते हैं। विद्यालय में 27 सहायक अध्यापकों में अभी वर्तमान समय में नौ अध्यापक नियुक्त हैं और 11 प्रोफेसर में मात्र एक प्रोफेसर नियुक्त है।”

अभी पूरे जिले में हाईस्कूल शिक्षकों के 322 पदों में सिर्फ 91 शिक्षक नियुक्त हैं। 90 प्रोफेसर में 32 नियुक्त हैं। शिक्षकों की भारी कमी है। दुद्धी, घोरावल, कोन, राबर्ट्सगंज सभी जगह शिक्षकों के पद रिक्त हैं। कालेज इस समय गंभीर स्तिथि में है। विद्यालय चलाने में दिक्कतें आ रही हैं।
प्रभु राम चौहान, डीआईओएस, सोनभद्र

मंदीप जायसवाल (45 वर्ष) बताते हैं, “हमारे बच्चे स्कूल जाने से मना करते हैं। पूछने पर बताते हैं कि कॉलेज में अध्यापक नहीं है।” विज्ञान वर्ग के छात्र ओम बाबू जायसवाल (17 वर्ष) बताते हैं, “विद्यालय में विज्ञान विषय का कोई भी शिक्षक नहीं है। हम छात्र प्राइवेट कोचिंग में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ बच्चे गरीब परिवार से होने की वजह से पढ़ाई करने में असमर्थ हैं। जबकि अध्यापकों की मांग प्रधानाध्यपक के द्वारा की गई है।”

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