फुल टाइम नेता नहीं हूं, मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी पूरी होते ही मठ वापस जाऊंगा: योगी आदित्यनाथ 

फुल टाइम नेता नहीं हूं, मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी पूरी होते ही मठ वापस जाऊंगा: योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद को फुल टाइम राजनेता न बताते हुए वापस मठ जाने की उम्मीद जताई है। जहां एक ओर राज्य सरकार अपने 100 दिन पूरे होने का जश्न मना रही है ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान हैरान करने वाला है। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘जनता की सेवा करना ही एकमात्र ऐसी वजह है जिसकी वजह से मैं राजनीति में आया। ’

योगी आदित्यनाथ ने आगे यह भी कहा, ‘प्रधानम‍ंत्री मोदी और अमित शाह द्वारा यूपी के मुख्यमंत्री का कार्यभार सौंपने के लिए मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं। जब मैं सफलतापूर्वक राज्य के लिए अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर लूंगा, मैं वापस अपने मठ जाना चाहूंगा। मैं नहीं सोचता कि मैं अपना पूरा जीवन राजनीति को समर्पित कर पाऊंगा।’

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इंटरव्यू में योगी ने यह भी कहा है कि अपने कार्यकाल के 100 दिनों में उन्होंने काफी उपलब्धियां प्राप्त की हैं। कानून व्यवस्था को सुधारने के साथ अच्छी सरकार व्यवस्था के दावे को पूरा किया।

किसी समुदाय के बीच कोई भेदभाव नहीं किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इंटरव्यू में इस बात का दावा भी किया कि उनकी सरकार में किसी भी समुदाय के व्यक्ति को कोई डर नहीं है क्योंकि विकास की योजना से लेकर अन्य बातों में भी उन्होंने किसी तरह का भेदभाव नहीं किया है। योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार किसी समुदाय या धर्म के सदस्य को किसी तरह का लालच या लोभ देने का प्रयास नहीं करेगी।

हमारी सरकार शांतिपूर्ण हल ढूंढने में सक्षम

राम मंदिर के निर्माण के दावे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इसके लिए सभी संबंधित पार्टियों से बातकर मामला सुलझाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह दावा किया कि हमारी सरकार किसी समस्या का शांतिपूर्ण हल ढूंढने में हर तरह से सक्षम है।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने प्रशासनिक कार्यों को अच्छे ढंग से करने में आध्यात्मिक शक्तियों का काफी योगदान बताया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर मठ से मुख्यमंत्री के बंगले में शिफ्ट होने तक उनकी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया है। वह अभी भी सुबह जल्दी उठकर महंत के रूप में सभी तरह के रीति रिवाज पूरे करते हैं और इसके बाद मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालते है जो मध्यरात्रि चक चलती है।

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