मुख्यमंत्री के दौरे से पहले मुसहरों को बांटा गया साबुन शैंपू, नहाकर आने की दी गई थी हिदायत

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले मुसहरों को बांटा गया साबुन शैंपू, नहाकर आने की दी गई थी हिदायतकुशीनगर जिले की मुसहर बस्ती के दौरे पर मुख्यमंत्री योगी।

लखनऊ। कुशीनगर जिले के मैनपुर कोट गांव की मुसहर बस्ती में सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले अधिकारियों ने बस्ती वालों को एक अजीब फरमान सुना डाला। यह मामला गुरुवार (25 मई) का है। जब सीएम योगी कुशीनगर जिले की मुसहर बस्ती के दौरे पर थे।

मुख्यमंत्री के आने से पहले अधिकारियों ने यहां साबुन, शैंपू और सेंट बांटे गए और मुसहरों को नहाकर आने की सलाह दी गई। प्रशासन के आला अधिकारी ने लोगों से कहा कि मुख्यमंत्री के पास जाना है तो नहा-धोकर, पाउडर लगाकर जाना।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार से गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ़ और वाराणसी के तीन दिवसीय दौरे पर थे. योगी ने गुरुवार को कुशीनगर की मुसहर बस्ती में पांच बच्चों को टीका लगाकर इंसेफलाइटिस टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्हें मुसहर टोले भी जाना था, लेकिन वो गए नहीं और मुसहरों के हाथ में शैंपू-साबुन धरे के धरे रह गए।

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खाने के लिए दो जून की रोटी नहीं

इस बस्ती में शायद ही कोई ऐसी झोपड़ी हो, जहां किसी के पास सौ रुपये नगद हो और कुल संपत्ति हजार रुपये से ज्यादा, लेकिन योगी के अधिकारी इन्हें नहाने के लिए साबुन और शैंपू पकड़ा गए। कपड़ा धोने के लिए घड़ी साबुन और बाल धोने के लिए क्लिनिक प्लस शैंपू।

आंगनबाड़ी वालों ने बांटा साबुन-शैंपू

दीनापट्टी गाँव के निवासी दयाराज ने कहा, 'योगी जी आने वाले हैं। साफ सफाई से नहाकर उनसे मिलने जाना चाहिए। ताकी शरीर से बदबू न आए। हम लोग गए थे, लेकिन बाद में साबुन मिला, तो नहाकर नहीं गए थे जल्दबाजी में। सात बजे से पहले बुलाए थे, हम लोग सात बजे से पहले ही पहुंच गए थे।' दयाराज के अलावा किशुनी देवी को भी साबुन मिला था। उन्होंने कहा, 'आंगनबाड़ी वाली ने साबुन शैंपून दिया। बोला कि योगी जी आने वाले हैं, नहा धोकर जाना। शरीर से बदबू नहीं आएगी।"

मुसहर जनजाति।

कोई अधिकारी रोटी-दवाई लेकर नहीं पहुंचा

कुशीनगर के मैनपुर कोट दीनापट्टी गाँव के लोगों तक कभी कोई अधिकारी रोटी लेकर नहीं पहुंचा। बीमार होने पर दवाई भी किसी ने नहीं पहुंचाई, लेकिन सीएम आने वाले है तो इलाके में तैनात अधिकारियों ने शैंपू-साबुन बांटकर इन्हें निर्देश दे दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले, तो नहा धोकर मिलें। साबुन-शैंपू बांटते वक्त अधिकारियों ने बाकायदा हिदायत दी कि कोई भी शख्स बिना नहाए-धोए सीएम के पास न आए और किसी के शरीर से बदबू नहीं आनी चाहिए।

सरकारी योजनाओं से वंचित है लोग

बता दें कि इस बस्ती में 1800 लोग घास फूस की झोपड़ी में रहते हैं। टोले में एक कमरे का एक स्कूल है, जहां कोई पढ़ने नहीं जाता। टोले में कोई शौचालय भी नहीं है। इस टोले में समाजवादी पेंशन योजना भी नहीं पहुंची और उज्जवला योजना भी नहीं। पानी के नाम पर अदद हैंडपंप है।

कुशीनगर में 159 बस्तियों में ढाई लाख मुसहर

इस टोले में योगी आदित्यनाथ भले नहीं पहुंचे हो, लेकिन साबुन-शैंपू के पहुंचने से इस बस्ती को चर्चा मिल गई, लेकिन जहां साबुन-शैंपू नहीं पहुंचा, वहां क्या? ऐसी 159 बस्तियां कुशीनगर में है। यानी 159 बस्तियों में रहने वाले करीब ढाई लाख मुसहर जीते जी मौत की बीमारियों को ढोते हुए जीते हैं।

उपजिलाधिकारी ने नहीं दिया जवाब

साबुन और शैंपू बांटने पर जब अधिकारियों से सवाल किया गया, तो उपजिलाधिकारी की जुबान पर ताले लग गए। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करने से मना कर दिया।

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