जापानी इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीज़ों को देखने अस्पताल पहुंचे कमिश्नर 

  जापानी इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीज़ों को देखने अस्पताल पहुंचे कमिश्नर मरीजों के परिजनों से मुलाकात कर जानी समस्याएं, दिया बेहतर इलाज का भरोसा

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोरखपुर। कमिश्नर अनिल कुमार ने जापानी इंसेफेलाइटिस व एक्यूप इंसेफ्लोपैथी सिंड्रोम जैसी बीमारी के मद्देनजर रविवार को बीआरडी मेडिकल कालेज का औचक निरीक्षण किया। कमिश्नर मेडिकल कॉलेज में भर्ती जेई व एईएस से पीड़ित मरीजों के परिजनों से मुलाकात कर समस्याएं सुनी।

कमिश्नर ने कहा,“ प्रदेश सरकार जेई व एईएस के प्रति संवेदनशील है और बेहतर से बेहतर सुविधा व इलाज कराने की व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल कालेज में बेहतर इलाज के लिए जो भी मदद की आवश्यकता होगी मुहैया कराया जायेगा।”

ये भी पढ़ें - बिना टीके के कैसे होगा स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण?

उन्होंने आगे कहा,“ जेई व एईएस फैलने के जो भी कारण हैं, उसको जड़़ से समाप्त करने के लिए सभी को जागरूक करना होगा।”

निरीक्षण के दौरान मरीजों के सीधे मेडिकल कालेज आने की जानकारी पर मण्डलायुक्त ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को निर्देश दिया जांच करके उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। इसके बाद कमिश्नर ने प्रधानाचार्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके फॉगिग, एंटी लार्वा स्र्पे के छिडक़ाव, जेई व एईएस से बचाव के लिये जागरूकता आदि के बारे मे जानकारी ली।

इस साल इंसेफेलाइटिस से हो चुकी है 114 लोगों की मौत -

बीआरडी मेडिकल कालेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से मरने वालों की संख्या बढक़र 114 हो गई है। इनमें से 108 मरीजों की मौत तो सिर्फ बालरोग विभाग के इंसेफेलाइटिस वार्ड में ही इलाज के दौरान हुई है। जबकि छह मरीजों की मौत मेडिसिन वार्ड में हुई है। इसके साथ ही इस वर्ष भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढक़र 432 हो गई। इंसेफेलाइटिस वाई में अभी भी 78 मरीजों का इलाज चल रहा है।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top