सहारनपुर में बिना इजाजत जुलूस निकालने पर हुआ बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ भी

सहारनपुर में बिना इजाजत जुलूस निकालने पर हुआ बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ भीघटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गुरुवार को डॉ. भीमराव अम्बेडकर शोभायात्रा निकालने के दौरान बवाल हो गया। इस बवाल ने कुछ ही देर में साम्प्रदायिक रूप ले लिया। दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और पथराव व आगजनी हुई। यह शोभायात्रा प्रशासन की अनुमति के बिना निकाली जा रही थी। पथराव में कुछ लोगों के मामूली चोटे आई हैं लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हालात को काबू में कर लिया। तनाव के मद्देनजर इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पथराव में चार भाजपा कार्यकर्ता भी घायल हुए। कमिश्नर की गाड़ी तोड़ दी गई। तोड़फोड़ के चलते सहारन-रुड़की-देहरादून हाइवे पर आवागमन भी बाधित हो गया। प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। उनका कहना है कि वहां शोभा यात्रा को लेकर अनुमति नहीं दी गई थी। घटना में जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाइ की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क दूधली में डा. भीमराव अंबेडकर शोभायात्रा निकालने को लेकर भाजपा सांसद राघव लखन पाल शर्मा, पूर्व विधायक राजीव गुंबर आदि भाजपा नेता गुरुवार सुबह से ही प्रशासन से अनुमति लेने के लिए प्रयासरत थे। दो घंटे तक चली बैठक में तय हुआ कि शोभायात्रा गांव के बाहर से ही निकाली जाएगी।

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शोभा यात्रा शुरू हुई तो उसे गांव में प्रवेश दे दिया गया, फिर क्या था कि एक विशेष संप्रदाय के लोगों ने इसको लेकर गाली-गलौच के साथ पथराव शुरू कर दिया। पथराव में चार भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए। मौके पर डीएम एमएस कमाल व एसएसपी लवकुमार भी पहुंच गए। यहां पर इन सभी ने बवाल कर रहे लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया पर कोई नहीं माना। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भिजवाया। कुछ ही देर बाद फिर पथराव शुरू हो गया। सड़क दूधली गांव के अंदर व हाइवे स्थित दुकानों में लूटपाट उनमें तोड़फोड़ की गई। कई दुकानों में आगजनी भी की गई।

एसएसपी ने बताया कि पहले से इस गांव में किसी भी तरह की यात्रा निकालने पर प्रतिबंध है। इस यात्रा के लिए भी परमिशन मांगी गई थी लेकिन प्रशासन ने शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी। हालांकि अंबेडकर जयंती के सारे कार्यक्रम पहले ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुके थे।

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