दोगुना खर्च कर सकेंगे पार्षद, यूपी नगर निकाय चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी

दोगुना खर्च कर सकेंगे पार्षद, यूपी नगर निकाय चुनाव को लेकर अधिसूचना जारीफोटो: इंटरनेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव को लेकर शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव के दौरान तीन चरणों में मतदान होगा। पहले चरण का चुनाव 22 नवंबर को, दूसरे चरण का चुनाव 26 नवंबर को और तीसरे चरण का चुनाव 29 नवंबर को होगा। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही उत्तर प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। वोटों की गिनती एक दिसंबर को होगी।

कुल मतदाताओं की संख्या 3.32 करोड़

राज्य के 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका और 438 नगर पंचायत में चुनाव होंगे। नगर निकाय चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 3.32 करोड़ है। इसमें से 53.5 प्रतिशत पुरुष और 46.5 प्रतिशत महिलाएं हैं। चुनाव में 36,289 बूथ और 11,389 पोलिंग सेंटर बनाए गए हैं।

पार्षद खर्च कर सकते हैं दो लाख रुपए

राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने शुक्रवार को इस संबंध में प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि चुनाव में प्रत्याशियों की खर्च सीमा को बढ़ाया गया है। एक तरफ जहां पार्षद की खर्च सीमा को एक लाख से बढ़ाकर दो लाख कर दी गई है, वहीं लखनऊ और कानपुर में खर्च सीमा को 12.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया गया है, जबकि अन्य नगर निगमों में खर्च सीमा 20 लाख रुपए रहेगी। नगर निगम के मेयर और पार्षद पदों के चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से होंगे, जबकि नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्षों एवं सदस्यों का निर्वाचन बैलेट पेपर के माध्यम से होगा।

पहले चरण के मतदान में कुल 25 जिले

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने तीन चरणों में जिलों की संख्या के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण के चुनाव में 25 जिलों के 5 नगर निगम, 71 नगर पालिका और 154 नगर पंचायत में मतदान होंगे, जबकि दूसरे चरण में 25 जिलों के 6 नगर निगम, 51 नगर पालिका और 132 नगर पंचायत के मतदान होंगे। इसके अलावा तीसरे चरण के तहत 26 जिलों के 5 नगर निगमों, 76 नगर पालिका और 152 नगर पंचायत में चुनाव होंगे।

16 सीटों के लिए मेयर का चुनाव

उत्तर प्रदेश में इस बार पहली बार चार निगमों के लिए पहली बार मेयर के लिए चुनाव हो रहा है, इसमें फैजाबाद, फिरोजाबाद, सहारनपुर और मथुरा शामिल हें। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में इस बार 16 सीटों के लिए मेयर पद का चुनाव होगा।

केंद्रीय सुरक्षा बल का नहीं किया जाएगा उपयोग

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि चुनाव में केंद्रीय बल का उपयोग नहीं किया जा रहा है, बल्कि नगर निकाय चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य पुलिस की ही होगी।

यह भी पढ़ें: छोटी नदियां, बड़ी कहानियां, ‘कुलबहरा कबीर और कालीरात’

यह भी पढ़ें: किसानों के लिए बनाई गई योजनाओं में किसान होता है क्या ?

यह भी पढ़ें: केबीसी विजेता सुशील कुमार बोले- फर्जी थी मेरे कंगाल होने की ख़बर

Share it
Top