फसल को अभी पानी की जरूरत, अधिकारी कह रहे 13 सितंबर को मिलेगा

फसल को अभी पानी की जरूरत, अधिकारी कह रहे 13 सितंबर को मिलेगानहर में कम पानी होने से सिंचाई में हो रही परेशानी।

बीसी यादव,स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

मछलीशहर (जौनपुर) । शारदा सहायक खंड 39 नारायणपुर रजवाहा में पिछले बीस दिनों से पानी नहीं है। इससे जौनपुर, प्रतापगढ़ और इलाहाबाद के करीब 500 से अधिक गांव में हजारों एकड़ धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई, यदि अब पानी नहीं मिला तो फसल बर्बाद होने का प्रतिशत सौ गुना से ज्यादा बढ़ जाएगा। जबकि अधिकारी कह रहे हैं कि नहर में पानी छोड़ने के लिए आला अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। 13 सितंबर तक पानी नहर में पहुंच जाएगा। यदि उनकी बात को सच भी मान लिया जाए तो अब भी चार दिनों का वक्त लगेगा। वहीं किसानों का कहना है कि फसल में पिछले स दिनों से पानी नहीं दिया गया है। ऐसे में अब पानी नहीं मिला तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

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शारदा सहायक खंड 39 नारायणपुर रजवाहा की गिनती बड़ी नहरों में होती है। इस नहर की दूरी 72.2 किलोमीटर है। नहर प्रतापगढ़ के कहला गांव से निकली है। इसलिए प्रतापगढ़ में भी कई छोटी माइनर इससे निकली है। नहर इलाहाबाद की सरहद से होते हुए जौनपुर जिले के मुंगराबादशाहपुर गांव में प्रवेश करती है। इसलिए इलाहाबाद में भी कई माइनर इस नहर से निकले हैं। जौनपुर की बात करें तो इस नहर से छोटी-बड़ी 72 नहरें निकली हैं।

ये नहरें मुंगराबादशाहपुर, मछलीशहर, बरसठी और रामपुर ब्लॉक में हैं। इससे करीब 500 गांवों के किसान सिंचाई करते हैं। दिक्कत यह है कि इस नहर में इन दिनों पानी नहीं है। नहर विभाग के मुताबिक नहरों में पानी रोस्टर के मुताबिक छोड़ा जाता है। एक महीने में नहरों में 15 दिनों तक पानी रहता है और 15 दिनों तक उसमें पानी नहीं छोड़ा जाता है। यह विभाग की ओर बनाया गया वह रोस्टर है। जिसे वह खुद ही लागू नहीं कर पाता है।

इसी नहर की बात की जाए तो इस नहर में पिछले चार दिन पहले ही पानी छोड़ना चाहिए लेकिन विभाग ऐसा करने में नाकाम रहा है। इस वजह से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई। धान की फसल पीली पड़ रही है। यदि अब पानी नहीं मिला तो किसानों की मेहतन बर्बाद हो जाएगी। हालांकि अधिकारियों ने अपना दामन बचाते हुए इतना जरूर कह दिया कि नहर में जल्द से जल्द पानी छोड़े जाने के लिए आला अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। सवाल यह है कि जब रोस्टर के मुताबिक पानी नहर में होना चाहिए तो किसके स्तर से लापरवाही हो रही है, जो अभी तक नहरें सूखी हैं।

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टेल तक पहुंच ही नहीं पाता पानी

विभाग का जो शेड्यूल है। वह किसानों को कतई राहत देना वाला नहीं है। 72 किमी लंबी इस नहर में 15 दिन पानी छोड़ा जाता है। बड़ी नहर से होते हुए छोटी नहरों में पानी पहुंचते—पहुंचते 10 दिन का वक्त गुजर जाता है। ऐसे में बहुत से गांवों तक पानी पहुंचता ही नहीं है। इस वजह से परेशानी और बढ़ जाती है। विभाग के लोग नहर में पानी देने में भले ही देर कर दें लेकिन पानी बंद करने में वह जरा भी गुरेज नहीं करते हैं और तुरंत पानी रोस्टर के मुताबिक बंद कर दिया जाता है। ऐसे में किसानों की परेशानी लाजमी है।

कम बारिश नें बढ़ाई किसानों की दिक्कतें

नहर में पानी नहीं है, इस बात की जानकारी है। आला अधिकारियों को दो पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि 13 सितंबर तक नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।
एसएन पांडेय, एक्सईन, नहर विभाग खंड 39

इस वर्ष जबकि मॉनसून अच्छा माना जा रहा था। फिर भी यूपी में 25 फीसदी कम बारिश हुई है। इस वजह से किसानों को धान की फसल में सिंचाई के लिए ज्यादतर नहरों पर ही निर्भर रहना पड़ा है। ऐसे में नहरों में भी पानी नहीं मिलेगा तो किसानों की दिक्कतें तो बढ़ेंगी ही। क्योंकि जिले में भी बारिश बहुत कम हो रही है। किसानों ने बताया कि नहर में पानी नहीं है। इधर बारिश भी नहीं हो रही है। ऐसे में फसल को नुकसान पहुंच रहा है।

शारदा सहायक खंड 39 नारायणपुर रजवाहा बड़ी नहर है। इससे जिले में 72 छोटे बड़े माइनर निकल हैं। प्रतापगढ़ के कहला गांव से निकली है। इलाहाबाद की सीमा से होते हुए मुंगराबादशाहपुर से जिले में आती है। मछलीशहर, बरसठी, रामपुर ब्लॉक में खत्म होती है। इन ब्लॉकों में करीब 500 गांव प्रभावित करती है। 72.2 किमी लंबी नहर है। 15 दिन नहर में पानी रहेगा और 15 दिन नहीं रहेगा। टेल तक पानी पहुंचने में 10 दिन लग जाते हैं और फिर माइनर तक पानी पहुंच ही नहीं पाता है। तब तब शेडयूल का वक्त पूरा हो जाता है।

मछलीशहर ब्लॉक के गोधना गाँव निवासी आखिलेश सिंह (36वर्ष) का कहना है , “ इन दिनों धूप बहुत तेज हो रही है। एक-दो दिन में उनकी फसल को पानी नहीं मिला तो फसल सूख जाएगी। 17 एकड़ धान की फसल पीली पड़ रही है।”

गाँव सरायदेवा के महेंद्रपाल (42वर्ष) का कहना है, “ शेड्यूल बहुत ही खराब है। एक सप्ताह का शेड्यूल नहरों में पानी छोड़ने का होना चाहिए, जिससे किसानों को फसल के लिए पानी की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। ”

गाँव अगहुआ के लाल बहादुर यादव (55 वर्ष) का कहना है,“ शेड्यूल जो बना है। उसके मुताबिक भी पानी नहरों में कहां दिया जाता है। ऐसा भी हो तो हम समझें कि विभाग सही ढंग से कार्य कर रहा है। शारदा सहायक खंड 39 में इन दिनों पानी होना चाहिए लेकिन नहीं है।”

एक नजर में

72.2 किमी लंबी है शारदा सहायक खंड 39 नहर

3 जिलों की सरहद से गुजरी शारदा सहायक खंड 39 नहर

72 छोटी—बड़ी नहरें जौनपुर जिले में इस नहर से जुड़ी हैं

500 से अधिक गांव में फैली है इससे जुड़ी हुई नहरें

15 दिन में नहर में पानी छोड़ने का है विभागीय शेड्यूल

20 दिनों से शारदा सहायक खंड 39 में नहीं है पानी

13 सितंबर तक पानी मिलने की विभाग जता रहा संभावना

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