केरल के तर्ज पर यूपी में भी बनेगा साइबरडोम सेंटर 

केरल के तर्ज पर यूपी में भी बनेगा साइबरडोम सेंटर प्रतीकात्मक फोटो। साभार इंटरनेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अनसुलझी साइबर अपराध के संबंध में पुलिस विभाग ने केरल पुलिस की तर्ज पर साइबर सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक तकनीकी अनुसंधान और विकास केंद्र स्थापित करने की योजना तैयार की है। इस संबंध में बीते बुधवार को एक बैठक आयोजित की गई और आईपीएस अधिकारियों के एक दल ने साइबरडोम पर चर्चा की।

साइबर वर्ल्ड में मौजूद मुद्दों को अकेले पुलिस विभाग द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसे एक सुरक्षित साइबर दुनिया बनाने के लिए यूपी पुलिस ने साइबर क्षेत्र से भागीदारी की दिशा में केरल पुलिस द्धारा शुरू की साइबरडोम जैसी अनोखी सार्वजनिक निजी भागीदारी योजना की शुरुआत करने की तैयारी की है। एडीजी टेक्निकल की अगुवाई में योजना तैयार की जा रही है।

साइबरडोम, सरकारी विभागों और एजेंसियों, शिक्षाविदों, अनुसंधान समूहों, गैर-लाभकारी संगठनों, समुदाय के व्यक्तिगत विशेषज्ञों, नैतिक हैकर्स, निजी संगठनों, और देश में अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सामूहिक समन्वय करता है। यूपी पुलिस का इसके पीछे मकसद केवल प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोकथाम लगाने के लिए है।

इंटरनेट अपराध पर लगेगी लगाम

केरल पुलिस लगातार सुरक्षा समस्याओं के बारे में जागरुकता सहित, सर्वोत्तम तरीकों का उपयोग करके कंप्यूटर सुरक्षा को पूरी तरह सुधारने के लिए काम कर रही है। इसके तहत साइबर और उच्च तकनीक अपराधों में नवीनतम रुझानों पर चर्चा, शिक्षित, समझ और जागरूकता फैलाने के लिए एक मंच तैयार कर रहा है। जिसे यूपी पुलिस भी अपना कर आम लोगों को साइबर अपराध से बचाने के लिए तैयारी पूरी कर चूकी है। इस संबंध में डीजीपी सुलखान सिंह की अगुवाई में पुलिस के टेक्निकल विभाग के अधिकारियों की कई बार बैठक हो चूकी है।

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एडीजी टेक्निकल आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि, साइबरडोम एक दूरदर्शी पहल है और इससे साइबर अपराधों की नवीनतम भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और साइबर दुनिया से संबंधित विभिन्न एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वयन स्थापित करने में मदद मिलेगी। उम्मीद है कि यह पहल एक सुरक्षित साइबर दुनिया बनाने के लिए एक मंच होगा, जिससे इंटरनेट से होने वाले अपराधों पर लगाम लगाई जा सकेगी।

बढ़ते साइबर अपराध से साइबरडोम बनाने की पड़ी जरूरत

साइबर सुरक्षा के लिए एक विशिष्ट शाखा स्थापित करने की आवश्यकता यूपी पुलिस को तब महसूस हुई जब प्रदेश में इंटरनेट अपराध की दर तेजी से बढ़ने लगी है। उत्तर प्रदेश में एक आकड़े के मुताबिक 2011 और 2015 के बीच साइबर अपराधों से संबंधित करीब 5,000 एफआईआर पंजीकृत किए गए हैं। यूपी पुलिस ने कई जिलों में साइबर सेल खोले हैं, लेकिन आईटी अधिनियम के तहत पंजीकृत अपराधों के निपटारे की दर बेहद कम थी। इसके चलते यूपी पुलिस को केरल की तर्ज पर साइबरडोम योजना लाने की तैयारी है।

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उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में लखनऊ और नोएडा में समाजवादी पार्टी शासन के दौरान प्रदेश लेवल के दो साइबर पुलिस स्टेशन बनाएं गये थे, फिर भी पीड़ितों को न्याय मिलने में काफी देर लगती है। वहीं एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश ने कहा कि राज्य में एक विशेष साइबर सुरक्षा सुविधा बनाने की आवश्यकताओं के लिए एक समिति गठित की गई है। जिसे केरल में साइबरडोम के फायदों का मूल्यांकन कर इसे यूपी में जल्द लागू करने का निर्देश दिया है।

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