ऑपरेशन निर्भीक योजना से बच्चों तक पहुंच रही पुलिस

Abhishek PandeyAbhishek Pandey   11 Sep 2017 6:15 PM GMT

ऑपरेशन निर्भीक योजना से बच्चों तक पहुंच रही पुलिसफोटो : वरिष्ठ पत्रकार ऋचा अनिरूद्ध के ट्वीटर से

लखनऊ। दिल्ली पुलिस ने स्कूली छात्राओं की मदद के लिए एक अनोखी पहल की है, जिसका नाम ऑपरेशन निर्भीक रखा गया है। इस योजना की सफलता के बाद अन्य प्रदेश की भी पुलिस इस योजना को शुरू करने की पहल की शुरूआत करने पर विचार कर रही है, जिसे यूपी पुलिस द्धारा आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम अस्तित्व में जोर-शोर से रखा गया।

इस योजना के तहत दिल्ली पुलिस ने राज्य के हर स्कूल में एक कम्पलेन बॉक्स रखा है, जहां छात्राएं अपनी हर तरह की शिकायत लिखकर इस कम्पलेन बॉक्स में डाल सकती है। इसके पीछे दिल्ली पुलिस का उद्देश्य केवल महिला सुरक्षा को बढ़ावा देना है, जिससे कोई भी व्यक्ति नाबालिग छात्राओं से गलत व्यवहार करता है तो वह अपनी शिकायत लिखकर पुलिस को बता सकती हैं।

इस योजना की स्कूलों में इतनी तारिफ हो रही है कि, यूपी पुलिस के अस्तित्व कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ पत्रकार ऋचा अनिरूद्ध ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि, दिल्ली पुलिस की इस योजना के शुरू होने पर स्कूली बच्चे बेहद खुश हैं, क्योंकि जो बात वह अपने टीचर और मॉं-बाप से बताने में हिचकते हैं वह सीधे तौर पर अपनी शिकायत पुलिस को दे रहे हैं।

निर्भीक ऑपरेशन की बात करे तो इसमें पुलिस स्कूलों में जाकर ना सिर्फ उनकी मुश्किलें सुन रही है बल्कि इससे उन बच्चियों को भी उम्मीद बंधी है जो अपने परिवार या रिश्तेदार में किसी मुश्किल का शिकार हैं, लेकिन झिझक या पुलिस तक पहुंच नहीं होने की वजह से उन्हें चुपचाप सहना पड़ता है, लेकिन इस योजना के तहत स्कूली बच्चे अपनी शिकायतें पहुंचा रहे हैं।

वहीं अगर यूपी पुलिस की बात करें तो यहां 1090 जैसी योजना तो है, लेकिन आज भी स्कूली बच्चे अपनी शिकायत इस पर बताने से कतराते हैं। हालांकि इस संबंध में वीमेन पॉवर लाइन स्कूलों और कॉलेजों में प्रचार-प्रसार कर तो रहा पर ग्रामीण और शहरी बहुत से स्कूलों में इसकी पहुंच से दूर है, जिसके चलते स्कूलों में होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने में पुलिस नाकाम दिख रही है। जबकि बिल्कुल इससे उलट दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो के जरिए स्कूलों में बता रही है कि चाहे पड़ोसी हों या उनके घरवाले, अगर कोई भी उनके साथ किसी तरह की गलत हरकत करता है तो वे दिल्ली पुलिस को खुलकर बताएं। किसी से डरें नहीं पुलिस उनके साथ है।

साथ ही दिल्ली पुलिस सभी स्कूलों में जाकर बच्चों की क्लास भी वक्त-वक्त पर ले रही है, उन्हें बता रही है कि गुड टच क्या है और बैड टच क्या है। यानी आपका कोई करीबी या कोई और आपको कहां टच करे कहां न करे ये जानकारी बच्चों को बता रही है। वहीं मौजूदा वक्त में स्कूलों के भीतर बढ़ते अपराधों को लेकर अभिवाहक सहित पुलिस भी चिंतित है। जिसे लेकर एक योजना तैयार करने पर यूपी पुलिस भी विचार कर रही है।

इसे लेकर डीजीपी सुलखान सिंह ने अस्तित्व सेमिनार में कहा कि महिला अपराध से जुड़़ी समस्या और कोई अन्य अपराधों पर रोकथाम लगाने के लिए कोई भी सुझाव आयेगा तो उस पर विचार किया जायेगा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार ऋचा अनिरूद्ध के ऑपरेशन निर्भीक जैसी योजना यूपी में शुरू करने के सुझावों को यूपी पुलिस की अगुवाई में प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को सौंपा गया है, जिसे उन्होंने सरकार के सामने रखने की बात कही है।

उधर दिल्ली पुलिस ऑपरेशन निर्भीक योजना के तहत हर हफ्ते स्कूलों में जाकर बच्चों से बात के अलावा हर स्कूल में कम्पलेन बॉक्स भी लगाये हैं ताकि बच्चे बेहिचक अपनी शिकायतें उनतक पहुंचा सकें। अभी तक पुलिस को छात्राओं की करीब 40 लिखित और 300 के करीब मैाखिक शिकायतें मिल चुकी हैं।

वहीं इस मुद्दे पर यूपी पुलिस का कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हुआ उनका यही तर्क है कि, आपरेशन निर्भीक से मिलती जुलती योजना यूपी पुलिस भी चला रही है। अगर बात करे यूपी के पूर्व डीजी सुब्रत त्रिपाठी का तो उन्होंने कहा कि, ऐसी योजना सभी देश में लागू हो तो बाल हिंसा और अन्य अपराधों पर लगाम लगी, जिसके लिए यूपी पुलिस को आगे आकर पहल कर इसे सूबे के हर स्कूलों में लागू करना चाहिए।

वहीं आली संस्था की हेड रेणू मिश्रा ने बताया, निर्भीक योजना उन बच्चों के लिए लाभकारी होगा, जिनके पास शिकायत करने के लिए मोबाइल फोन नहीं है। इस योजना के तहत प्रदेश में हर बच्चा अपने घर में हो रहे घरेलू हिंसा की भी शिकायत कर सकता है, जिससे अपराधों पर भी लगाम लगाने में पुलिस को सफलता मिलेगी।

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