गोशाला के लिए स्थाई जमीन की मांग

गोशाला के लिए स्थाई जमीन की मांगगोविंद गोशाला।

इश्त्याक खान, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

औरैया। गोविंद गोशाला एवं अनुसंधान संस्थान के सदस्यों ने विधायक से गोशाला के लिए स्थाई जमीन दिलाए जाने की मांग की है। संस्थान के लोग गोमूत्र से दूर होने वाली बीमारियों के बारे में लोगों को शिविर लगाकर जानकारी देते रहते हैं। संस्थान ने जीरो बजट पर होने वाली खेती का प्रशिक्षण भी किसानों को दिया है।

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शहर के सुभाष चौक के पास अस्थाई रूप से बनी गोविंद गोशाला व अनुसंधान संस्थान में इस समय लगभग 60 गाय हैं। जिनकी देखभाल संस्थान के पदाधिकारी स्वयं करते हैं। गोशाला गोपाल इंटर कालेज की जगह पर स्थित है।

सदर विधायक रमेश दिवाकर और डीएम के. बालाजी से स्थाई जगह के लिए मांग करते हुए गोशाला के संरक्षक श्रीराम पुरवार ने कहा, “स्थाई जगह न होने की वजह से गायों को खेतों में ले जाकर चराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बीचों-बीच शहर से गायों को बाहर ले जाना पड़ता है। शहर के शहीद पार्क में समिति के द्वारा नि:शुल्क गोमूत्र वितरण केंद्र चलाया जाता है।

जिससे समाज के बहुत से लोगों को लीवर, ह्रदय रोग की छोटी-बड़ी बीमारियों में लाभ मिला है।” जैविक कृषि विकास तथा किसानों के उत्थान के लिए जीरो बजट पर होने वाली खेती का प्रशिक्षण दिया गया। समिति का लक्ष्य गोबर, गोमूत्र का उपयोग कर वर्मी खाद, कंपोस्ट, अमृत पानी, जीवामृत, बीजामृत तथा कीट नियंत्रक निर्माण का प्रशिक्षण देकर किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। समय-समय पर किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

संरक्षक श्रीराम पुरवार ने आगे बताया, “बेरोजगारों को पंचगब्य नित्य प्रयोग सामग्री तथा मंजन, उबटन, गोमूत्र, अर्क, घनवटी, हवन सामग्री के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाता है। गोशाला के पास स्थाई जगह न होने और सरकार द्वारा आर्थिक सहयोग न मिलने की वजह से गोशाला को चलाने में व्यवधान हो रहा है। स्थाई जगह मिलने से गोवंश की सेवा करने में कोई व्यवधान नहीं रहेगा।”

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