बाजारों में भीड़ तो दिखी पर बड़ी दुकानों पर छाया रहा सन्नाटा

बाजारों में भीड़ तो दिखी पर बड़ी दुकानों पर छाया रहा सन्नाटादीपावली।

रिपोर्ट : सतीश कश्यप

बाराबंकी। बाराबंकी में दीपावली से पहले धनतेरस के मौके पर देर रात तक लोगो ने जमकर खरीददारी की लेकिन कही न कही नोटबंदी के बाद जीएसटी का असर बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों के बीच जरूर दिखा।

लोगो की भीड़ तो शहर के बाजारों में दिख रही थी लेकिन बड़ी कंपनियों के इलेक्ट्रानिक, कपड़ा, बर्तन और जेवेलरी की दुकानों से ग्राहक कही न कही दूर ही दिखाई दिए हलाकि महगाई को देखते हुए दीपावली से पहले धनतेरस पर लोगो द्वारा घर की छोटी-छोटी जरूरतों जैसे डेकोरेशन, दीपक और भगवान लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों के अलावा पूजा पाठ का सामान खरीदने के लिए दुकानों पर जबरदस्त भीड़ भी दिखी।

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बाराबंकी शहर में इस बार पिछले वर्षों की तरह धनतेरस के मौके पर वो रौनक बाजारों में नही दिखी जो रौनक कपड़ें और सोने चांदी सहित इलेक्ट्रनिक, बर्तन , की दुकानों पर देखने को मिलती थी। शहर के मेन मार्केट छाया चौराहा, नेबलेट, मुंशीगंज, धनोखर सहित घंटाघर की तमाम ऐसी इलेक्ट्रानिक, बर्तन, कपड़ा और जेवेलरी की दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा जहा धनतेरस के दिनों पर हर वर्ष जबरदस्त ग्राहकों की भीड़ दिखती थी, जिस किसी दुकानदार से बात करो सभी नोटबंदी के बाद जीएसटी को जिम्मेदार ठहरा रहे है।

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कपड़ा व्यापारी राजेश गुप्ता का कहना है, ''पिछले वर्षों की तरह इस धनतेरस पर कुछ खास उत्साह नहीं है ग्राहकों में वही व्यापारी मनोज जैसवाल का कहना है की नोटबंदी के बाद जरूरतमंद सामानों पर जीएसटी लगने से दाम आसमान छू रहे है।''

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जेवेलरी की दुकान चलाने वाले संदीप बाथम व संजय जैन का कहना है की पिछले वर्षों की तरह सोना चांदी की विक्री नहीं हो रही है तो वही इलेक्ट्रानिक दुकान चलाने वाले जैन इम्पोरियम के मालिक संजय जैन बताते है की ना जाने क्या बाजार को हो गया है ग्राहक आता है दाम पूछता है और ये कहते हुए निकल जाता है बजट नहीं है।''

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वही घर से मन बनाकर धनतेरस पर जरूरतमंद सामानों की ख़रीददारी करने आये ग्राहकों को भी बाजारों में बढ़ी हुयी महगाई के चलते अपने कदम पीछे खींचने पड़ रहे है क्योकी ज्यादातर सभी सामानों के दामों में कही न कही बढ़ोतरी के चलते दीपावली के मौके पर लोग अपनी जरूरतों को कम करते दिख रहे है। शहर में भीड़भाड़ तो दिख रही है पर लोग महगाई के चलते बड़ी खरीददारी करने से कतरा रहे है।

लखपेड़ा बाग़ की रहने वाली संगीता और विकास भवन के नजदीक रहनेवाली सरिता का कहना है मन तो बहुत था खरीदने का पर बजट बिगड़ रहा है फिलहाल संगीता का कहना है घर को सजाने वाला सामान ही खरीदने तक धनतेरस उनके लिए है।

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