ललितपुर में पशुपालकों को नहीं पता टोल फ्री नंबर

ललितपुर में पशुपालकों को नहीं पता टोल फ्री नंबरपशुपालक की सहूलियत के लिए पशुपालन विभाग ने टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया है।

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

ललितपुर। पशुपालन का कार्य करने वाले लोगों की सहूलियत के लिए पशुपालन विभाग ने टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया है। अगर किसी भी पशुपालक को कभी भी पशुओं से संबंधित जानकारी चाहिए तो वह वह टोल फ्री नंबर पर फोन कर जानकारी हासिल कर सकता है, लेकिन विडंबना है कि यहां के ज्यादातर पशुपालकों को इस टोल फ्री नंबर के बारे में पता ही नहीं है।

गाँव से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

जनपद से 45 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण दिशा की ओर स्थित अजान गाँव के रतन सिंह यादव (30 वर्ष) का कहना है, “पांच माह पहले बीमारी के चलते दो भैंस, एक जर्सी गाय व एक पड़वा मर गया था। सरकारी अस्पताल पड़ोस के गाँव में है, लेकिन कभी डॉक्टर आते नहीं। जैसे-तैसे डॉक्टर का नम्बर खोजा तब पता चला की डॉक्टर सैदपुर में मिलेंगे। डॉक्टर को बुलाया और दो बार 250-250 रुपए फीस दी। उन्होंने प्राइवेट दवा लिखी। जिसमें करीब छह हजार रुपए खर्चा हो गए। बावजूद मेरे चार जानवर मर गए।” यदि समय से सरकारी डॉक्टर इलाज मुहैया करा देते तो मेरे जानवरों की मौत नहीं होती। हमें तो आज तक ये भी नहीं पता कि पशु डॉक्टरों के लिए टोल फ्री नम्बर होता है।

“नियम के मुताबिक, पशु चिकित्सालयों के खुलने का समय सुबह आठ बजे से दोपहर ढाई बजे तक होता है, लेकिन ज्यादातर पशु डॉक्टर नदारद रहते हैं। राजकीय पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र अपनी दुर्दशा पर रो रहे हैं। यहां डॉक्टर नहीं आते। पशु अस्पताल कन्डे थापने का अड्डा बन गया है।” यह कहना है ललितपुर जनपद से पूर्व दक्षिण दिशा मैं 45 किलोमीटर छायन गाँव के धर्मेन्द्र सिंह (30 वर्ष) का। बुंदेलखंड के ललितपुर जनपद में 19 पशु अस्पताल हैं और 17 डॉक्टर तैनात हैं। वहीं 29 उप पशु केन्द्रों में से 12 संचालित हैं। बाकी डॉक्टरों की कमी कि वजह से ये खुलते भी नहीं। परिणाम स्वरूप पशु पालकों को निराशा मिलती है।

टोल फ्री नम्बर की शुरुआत के समय लिखवाने का निर्देश आया था, निर्देश के अनुसार केन्द्रों के बोर्डों पर लिखवा गया। टोल फ्री का ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन नहीं हुआ है। जब शासन से निर्देश आयेगा उसी के अनुरूप लिखवाया जायेगा।
डॉ. जीवन दत्त, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, ललितपुर

एक ओर पशु चिकित्साधिकारी प्रत्येक पशु केन्द्र व पशु अस्पतालों का दावा करते हैं कि प्रत्येक केन्द्र पर टोल फ्री नम्बर लिखा है। जब इस की हकीकत को जानना चाहा तो महरौनी में सरकारी अस्पताल में तैनात परिहार बताते हैं, “सुना तो है पशु पालकों के लिए टोल फ्री नम्बर है। लेकिन मुझे जानकारी नहीं है। जिन नम्बरों को लिखवाने के निर्देश आए थे वही बोर्ड पर लिखे हैं।जब आदेश आयेगा तो टोल फ्री नम्बर लिखवा दिया जायेग।"

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Share it
Share it
Top