आदेशों के भंवर में फंसी लाखों बच्चों की किताबें 

आदेशों के भंवर में फंसी लाखों बच्चों की किताबें फाइल फोटो।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। सरकारी स्कूलों के बच्चों को इस बार भी किताबों का इंतजार है। ठंडे बस्ते में चल रही टेंडर प्रक्रिया को अब निरस्त कर दिया गया और दोबारा ई-टेंडर कराने की तैयारी में शिक्षा विभाग जुट गया है।

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प्रदेश में 1.98 लाख प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले 1.96 करोड़ बच्चों के लिए इस बार भी लगभग 250 करोड़ रुपए की किताबों की छपाई होनी है। लगभग 13 करोड़ किताबों की छपाई इस बार होनी है।बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह कहते हैं, “ हमारी सरकार बनते ही पिछले सभी टेंडर्स को रद्द कर दिया है।

अब ई टेंडर की व्यवस्था की जायेगी ताकि इसमें पारदर्शिता बनी रहे। लोग यह देख सकें कि कौन से स्टेप पर क्या हो रहा है। टेंडर अपनों को दिये जाने की जो बात सामने आ रही है वह सही नहीं है। जुलाई के पहले सप्ताह तक स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जायेंगी।” टेंडर की प्रक्रिया पिछले कई दिनों से जारी थी। बीती 12 अप्रैल को फाइनेंशियल बिड खोली जानी थी जो तय समय पर नहीं खुल सकी।

इसके बाद फाइनेंशियल बिड खोले जाने की तारीख 18 अप्रैल तय की गयी थी लेकिन इस तारीख पर भी बिड नहीं खोली जा सकी। फाइनेंशियल बिड खोले जाने से पहले टेंडर को अपने चहेतों को दिये जाने के आरोप एक प्रेस वार्ता के जरिये 16 अप्रैल को यूपी बेसिक एजूकेशनल प्रिन्टर्स एसोशिएसन द्वारा शिक्षा विभाग पर लगाये गये और ई-टेंडर कराये जाने की मांग की गयी थी।

जब से हमारी सरकार बनी है पिछले सभी टेंडर्स को रद्द कर दिया गया है। अब ई टेंडर की व्यवस्था की जायेगी ताकि इसमें पारदर्शिता बनी रहे।
संदीप सिंह, राज्य मंत्री,बेसिक शिक्षा

यूपी बेसिक एजूकेशनल प्रिन्टर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष शैलेन्द्र जैन ने बताया था कि किताबों की छपाई के टेंडर के सम्बन्ध में यूपी बेसिक एजूकेशनल प्रिन्टर्स एसोशिएसन ने शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या से मुलाकात की थी। जिसके बाद जांच करवाये जाने का आश्वासन एसोसिएशन को दिया गया था।

माना जा रहा है कि इसी के मद्देनजर टेंडर रद्द कर दिया गया है और अब ई-टेंडर किये जाने की तैयारी जारी है। लेकिन शिक्षाधिकारी टेंडर के लिए आदेश नहीं मिलने की बात कहते हुए जहां इस बात को छुपा रहे हैं। बेसिक शिक्षा सचिव, अजय कुमार सिंह कहते हैं, “फाइनेंशिलय बिड खोली जानी है लेकिन इसकी नयी तारीख अभी निर्धारित नहीं की गयी है।” यह पूछे जाने पर कि क्या टेंडर रद्द कर दिया गया है और अब फिर से ई-टेंडर किया जायेगा? इस पर अजय सिंह ने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही मुझे इस तरह के कोई आदेश प्राप्त हुए हैं कि टेंडर फिर से होगा।”

यही नहीं किताबों के टेंडर से लेकर छपाई और इसके वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाठ्य-पुस्तक अधिकारी, बेसिक शिक्षा, अमरेन्द्र सिंह कहते हैं, “अभी टेंडर की प्रक्रिया जारी है और फाइनेंशिलय बिड खोली जानी है। किस दिन खोली जायेगी इस बारे में कोई आदेश नहीं मिले हैं। टेंडर रद्द कर दिया गया है और दोबारा होगा, इस बारे में भी कोई जानकारी मुझे नहीं है।”

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