बिजली कटौती से न हो किसानों को परेशानी : श्रीकान्त शर्मा 

बिजली कटौती से न हो किसानों को परेशानी : श्रीकान्त शर्मा श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को हर-हाल में 07 दिन के अन्दर बिजली कनेक्शन मिले

लखनऊ। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि किसानों की फसल को नुकसान न हो, अतः ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाये। किसानों को कृषि कार्यों हेतु विद्युत की कोई कमी न होने पाये और किसानों को बिजली कनेक्शन प्राथमिकता पर दें। राजकीय नलकूप भी न बन्द हो, विद्युत आपूर्ति ऐसी सुनिश्चित की जाये। साथ ही निजी नलकूपों को भी विद्युत कनेक्शन दिया जाये।

उन्होंने आज शक्ति भवन में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था और ‘पावर फार ऑल’ की समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सरकार की मंशानुरूप अपनी कार्य संस्कृति बदलें। साथ ही आपकी व्यवहार कुशलता भी परिलक्षित हो। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ अधिकारियों को जनता से अच्छा व्यवहार न करने के लिए सीधे उच्चाधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि आपके कार्यों में पारदर्शिता होनी चाहिये। सरकार भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं करेगी। करप्सन पर ‘जीरो टालरेन्स’ की नीति जारी रहेगी। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में लागू रोस्टर का अनुपालन हो, इसका ख्याल रखे। टीम भावना से कार्य करें। प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय हो, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

“तू ही हमारी मां है, क्या हमारी जान ले लेगी ?”

उन्होंने कहा कि प्रदेश में करवायी जा रही बिजली चोरी किसी भी प्रकार से क्षम्य नहीं होगी। बिजली चोरी करने और करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन देने में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। हर किसी को 07 दिन के अन्दर कनेक्शन मिलना चाहिए। व्यवस्था परिवर्तन के लिए अब कमर कस लें। विभाग की छवि अच्छा कार्य करके और जनता के प्रति जवाबदेह बनकर ठीक करें, ये सभी के हित में होगा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक वृहस्पतिवार को ग्रामीण क्षेत्रों में तथा प्रत्येक शनिवार को शहरी क्षेत्रों में लगने वाले विद्युत कैम्प में जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता बढ़ाई जाये तथा ऊर्जा बचत के लिए इन कैम्पों में एलईडी बल्ब का वितरण भी प्राथमिकता पर किया जाये। उन्होंने कहा कि यदि किसी गाँव या मजरे को ऊर्जीकृत किया जा रहा हो तो क्षेत्रीय सांसद या विधायक के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों को जरूर बुलाये। उन्होंने खराब या ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर को तत्काल चेक करने और इन्हें बदलने के निर्देश दिये, ताकि विद्युत आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने निर्देशित किया कि मजरों, रूलर और अरबन हाउसहोल्ड को ऊर्जीकृत करने की कार्यवाही में भी तेजी लायी जाये।

तमाम मुद्दों के बीच ये भी जानिए, देश के 38.4 % बच्चे कुपोषित, 51.4 फीसदी महिलाओं में खून की कमी

प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कारर्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि इस समय विद्युत मांग में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है। जिसके कारण विद्युत आपूर्ति के नये रिकार्ड बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 सितम्बर को

390.446 मिलियन यूनिट विद्युत आपूर्ति हुई जो कि प्रदेश में अभी तक सर्वाधिक है। इसके पहले 18 अगस्त को सर्वाधिक 389.9 मिलियन युनिट विद्युत आपूर्ति की गयी। उन्होंने बताया कि इस समय एनटीपीसी बाई लिट्रल, लाँग टर्म तथा इक्सचेंज आदि से लगभग 8300 मेगावाट विद्युत उपलब्ध हो रही है और प्रदेश में बिजली घरों से लगभग 9000 मेगावाट की विद्युत उपलब्धता है। बैठक में प्रबन्ध निदेशक, कामरान रिज़वी, सभी डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक, मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता के साथ मुख्यालय के अधिकारी उपस्थित थे।

बैंक का नोटिस : वसूलीनामा यानि कर्ज़दार किसानों की आत्महत्या का बुलावा

Share it
Top