उत्तर प्रदेश

सुरक्षित माहौल देने के लिए हॉस्टल में मिलेंगी सारी सुविधाएं

मोहम्मद तारिक - स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

करंजाकला (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में के छात्रावास में छात्राओं को सुरक्षित माहौल देने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए अब हॉस्टल में ही जिम से लेकर कंप्यूटर लैब और म्यूजिक टीचर की भी व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही छ़ात्रावास प्रशासन ने छात्राओं को निर्देश दिया कि उन्हें शाम छह बजे के बजे के बाद हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलेगा और न ही उन्हें हॉस्टल से बाहर जाने की इजाजत होगी।

अक्सर छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के साथ अप्रिय घटना हो जाती है। इसको देखते हुए पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने कई जरूरी कदम पहले भी उठाए हैं। इसमें कुछ और बढ़ोत्तरी भी कर दी है। पिछले वर्ष की तरह ही इस बार भी छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को शाम छह बजे के बाद हॉस्टल से निकलने की इज़ाजत नहीं होगी न ही वह छह बजे के बाद हॉस्टल में दाखिल हो सकेंगी।

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बीटेक सेकंड ईयर की पूजा ने बताया,“ छात्राओं को जो सुविधाएं दी जा रही हैं उससे काफी फायदा मिलेगा। इससे एक छत के नीचे ही सारी व्यवस्था हो जाने से हम लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”

हालांकि यह निमय छात्राओं की पढ़ाई में रोड़ा भी बनता था। मसलन किसी छ़ात्रा को कंप्यूटर लैब जाना होता था, तो वह शाम छह बजे के बाद नहीं जा पाती थी। दिन में यूनिवर्सिटी की क्लास चलने के चलते पढ़ाई प्रभावित होने के डर से कंप्यूटर नहीं सीख पाती थीं। इसके अलावा पूविवि परिसर में मौजूद लाइब्रेरी में शाम छह बजे के बाद नहीं जा पा रही थी। इसके देखते हुए पूविवि प्रशासन ने इस बार छात्रावास में कई और व्यवस्था जोड़ी है।

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बीटेक सेकंड ईयर ही एैमन का कहना है, “छोटा पुस्तकालय हॉस्टल में खुल जाने से हम लोगों को पूविवि परिसर में लाइब्रेरी जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय भी बचेगा और पढ़ाई भी अच्छी होगी।

अब छात्रावास में ही छात्राओं को मिनी लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। उन्हें शतरंज , लूडो, कैरम और बैडमिंटन जैसे खेल भी खेलने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। संगीत सीखने की ललक रखने वाली छात्राओं के लिए संगीत के अध्यापक की भी व्यवस्था कराई जा रही है। जबकि टीवी महिला सुरक्षा गार्ड और एंबुलेंस की सुविधा तो पहले से ही उपलब्ध है।

पूविवि में दो छ़ात्रावास मीराबाई और द्रौपदी नाम से है। इसमें रहने वाले छात्राओं को यह सुविधा मिलेगी। इसके बावजूद यदि कोई छात्रा किसी वजह से छात्रावास में देर से पहुंचती है तो उसे इसका स्पष्टीकरण देना होगा। इसके साथ ही परिजनों से भी वार्डन बात करेंगी। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्रा दोबारा देर से छात्रावास में न लौटे। वहीं छात्रावास में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे जो पहले से लगे हैं। उनकी जांच करके दुरस्त करा दिया गया है।

छात्राओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि वह शाम छह बजे से पहले हॉस्टल में आ जाएं और फिर कहीं न जाएं। इसके लिए हर जरूरी व्यवस्था छात्रावास में उपलब्ध कराई गई है। -सुरजीत कुमार, चीफ वार्डन, पूविवि

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