पारंपरिक खेती के बजाय सहफसली खेती अपनाएं किसान : जेबी सिंह

पारंपरिक खेती के बजाय सहफसली खेती अपनाएं किसान : जेबी सिंहकरनपुर गोपाल ग्राम कृषि विज्ञान केन्द्र पर आयोजित हुई त्रैमासिक समन्वय बैठक

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोंडा। “किसान खुशहाल होगा तभी समृद्धि आएगी। किसान हैं तो हम सब हैं। इसलिए किसानों के उत्थान, आर्थिक विकास व उनकी आय को दुगना करने हेतु कृषि विभाग एवं किसानों के साथ-साथ अन्य सभी सम्बन्धित विभागों के बीच समन्वय होना आवश्यक हैं, जिससे किसानों को उन्नत खेती करने में मदद मिल सके।” यह बातें डीएम जेबी सिंह ने करनपुर गोपाल ग्राम कृषि विज्ञान केन्द्र पर आयोजित त्रैमासिक समन्वय बैठक के दौरान कही।

उन्होने किसानों से अपील करते हुए कहा,“ किसान भाइयों को पारम्परिक खेती से हटकर सहफसली और आधुनिक कृषि पद्धति अपनानी चाहिए तभी उन्हें अच्छी उपजऔर मुनाफा प्राप्त होगा।”

इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि मुकुल तिवारी ने किसानों और विभागीय अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा ,“ विभिन्न विभागों के माध्यम से किसानों कोतकनीकी सेवाएं कैसे प्राप्त हों इसके लिए किसानों एवं विभागों के बीच समन्वय बहुत आवश्यक हैं। उन्होंने आहवान किया कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए स्पेशल एक्टिविटी संचालित किए जाने की आवश्यकता है।”

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उपनिदेशक मुकुल तिवारी ने आगे बताया कि कृषि यन्त्रों पर अनुदान अब पंजीकरण के बाद ही मिलेगा। इसलिए सभी किसानों कृषि यन्त्रों की खरीद पर अनुदान का लाभ लेने के लिए पहले पंजीकरण जरूर करा लें।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. उपेन्द्र द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा संचालित कार्यक्रमों की पावर प्वाइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी दी गई।

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