पहली कैबिनेट मीटिंग में ही किसानों के कर्ज माफी का हुआ पूरा

पहली कैबिनेट मीटिंग में ही  किसानों के कर्ज माफी का हुआ पूरायूपी के लघु और सीमांत किसानों का कर्जा माफ।

लखनऊ। योगी सरकार ने पहले ही कैबिनेट में लाखों किसानों की उम्मीदों को पूरा कर दिया। बीेजेपी सरकार ने वादे के अनुसार किसानों लघु और सीमांत किसानों का कर्जा माफ कर दिया है। 19 मार्च को शपथ लेने के बाद मंगलवार को योगी कैबिनेट की पहली बैठक हुई।

कैबिनेट पर ठिकी थीं लाखों किसानों की कई दिनों से उम्मीदें

योगी सरकार की पहली कैबिनेट पर सभी की निगाहें थीं। वर्षों से कर्ज में डूबे किसान कैबिनेट बैठक को बड़ी उम्मीद से देख रहे थे। चुनाव प्रचार के समय बीजेपी ने वादा किया था कि सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट में वह किसानों का कर्जमाफ करेगी। महराजगंज जिले के गांगी गांव के महेन्द्र चौधरी ने दो साल पहले धान की खेत के लिए ग्रामीण बैंक से कर्ज लिया था लेकिन फसल अच्छी नहीं होने से ‍वे बैंक का लोन चुकता नहीं कर पाए। उन्हें उम्मीद है कि योगी सरकार उनका कर्ज माफ करके उन्हें सौगात देगी।

बाराबंकी जिले के त्रिवेदीगंज ब्लॉक के अयोध्यागंज गांव निवासी 70 वर्षीय रामचरन के छोटे बेटे अनिल को उम्मीद थी की इस बार गेहूं की फसल अच्छी पैदा होगी लेकिन उनकी गेहूं की फसल इस बार भी सही नहीं हुई। दो वर्ष पहले उनके पिता ने आर्यावर्त बैंक की सदरूददीनपुर शाखा से कर्ज लेकर इंजन खरीदा था लेकिन फसल से उनका कर्ज अदा नहीं हो पाया क्योंकि उम्मीद से बहुत कम फसल की पैदावार हुई। 20 हजार रुपए में से उन्होंने इधर-उधर से व्यवस्था करके लोन का कुछ पैसा जमा किया लेकिन अभी उन्हें छ: हजार रुपए बैंक को ब्याज के देने हैं और गेहूं की फसल इस बार भी कुछ ठीक नहीं हुई है। अब अनिल योगी सरकार से उम्मीद लगाए हुए है कि जल्द से जल्द उनका कर्ज माफ़ हो जाए जिससे उनका कर्ज का ये बोझ उतर जाए।

अखिलेश सरकार के कई फैसले पलट सकती है योगी सरकार

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बीजेपी सरकार किसानों के साथ किया अपना वादा निभाने जा रही है। कर्जमाफी के प्रस्ताव की तैयारी की जा चुकी है। कैबिनेट की बैठक में इसके पास होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में माना जा रहा है कि किसानों की कर्जमाफी समेत कई अहम प्रस्ताव पास किए जाएंगे। लोकभवन में शाम पांच बजे होने वाली इस कैबिनेट में पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार के कई फैसलों को योगी सरकार पलट भी सकती है।

फैसलों पर समीक्षा की संभावना

कैबिनेट में बीजेपी सरकार अपने वादों पर भी अमल कर सकती है जो चुनाव प्रचार में उसने जनता के साथ किया है। इसके अलावा बिना कैबिनेट की बैठक के ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पिछले दिनों जो ताबड़तोड़ फैसले किए हैं उसकी भी समीक्षा इस बैठक में होने की संभावना है। खासकर अवैध बूचड़खानों पर रोक, महिला सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो अभियान, गेहूं की खरीद, गोमती रिवर फ्रंट की जांच और यूपी 100 में सुधार जैसे फैसलों पर चर्चा होगी। सत्तापक्ष के साथ ही मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी की भी योगी आदित्यानाथ की पहली कैबिनेट पर निगाह है।

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