प्रदेश को क्लीन एंड ग्रीन बनाएं योगी: सीड ने की मांग

प्रदेश को क्लीन एंड ग्रीन बनाएं योगी: सीड ने की मांगप्रदेश को क्लीन एंड ग्रीन बनाएं योगी

लखनऊ। सेंटर फॉर एंनवारयमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट ( सीड ) ने कई सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अक्षय ऊर्जा और स्वच्छ वायु को प्राथमिकता बनाते हुए एक कार्ययोजना बनाकर काम करने मांग की है। सीड ने कहा है कि राज्य में ऊर्जा की भारी कमी है और वायु प्रदूषण के बढ़ते हुए स्तर को देखते हुए अक्षय ऊर्जा का प्रोत्साहित किया जाए।

सीड के सीईओ रमापति कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से पैदा होने वाली चुनौतियां और पर्यावरण संकट लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश इस संकट का सबसे गंभीर भुक्त भोगी है। आंकड़ों का हवाला देते हुए सीड ने बताया कि देश में सर्वाधिक ग्रीन हाउस गैस का उत्सर्जन उत्तर प्रदेश में होता है। देश के कुल ग्रीन हाउस उत्सर्जन में इसका हिस्सा 14 प्रतिशत से अधिक है।

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रमापति कुमार ने आगे बताया कि वायु प्रदूषण के मामले में उत्तर प्रदेश के चार शहर देश के सर्वाधिक 20 प्रदूषित शहरों में शुमार होते हैं। इसके अलावा करीब 54 प्रतिशत ग्रामीण आबादी और 10 प्रतिशत शहरी आबादी यानी करीब आठ करोड़ लोग अब भी आधुनिक बिजली का इंतजार कर रहे हैं। देश की सबसे दो पवित्र नदियां गंगा और यमुना में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रदूषित गंदगी डाली जा रही है वहीं राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन कार्य लगभग नगण्य है।

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उत्तर प्रदेश में बिजली की उपलब्धता पर खुलासा करते हुए सीड के डायरोक्टर प्रोग्राम अभिषेक प्रताप ने कहा कि उत्तर प्रदेश अभी भयावह उर्जा संकट का सामना कर रहा है। यहां पीक पावर डेफिसिट 15 प्रतिशत है जो देश में जम्मू-कश्मीर के बाद यह दूसरी सर्वाधिक बिजली कटौती है। राज्य में बिजली की कमी को दूर करने के लिए राज्स सरकार से 100 प्रतिशत अक्षय उर्जा विजन तैयार करने कहा गया है। विवेन्द्रीकृत अक्षय उर्जा को ग्रामीण इलाकों में मिनी ओर माइक्रो ग्रिड के जरिए ऊर्जा उपलब्ध कराने की अपील की गई है।

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