चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में होगा पशुओं का नि:शुल्क बीमा

Ajay MishraAjay Mishra   22 April 2017 9:17 AM GMT

चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में होगा पशुओं का नि:शुल्क बीमापशुपालकों के पशुओं का नि:शुल्क बीमा किया जाएगा।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

कन्नौज। दुधारू पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। सूबे के तीन जिले ऐसे चुने गए हैं, जहां नि:शुल्क बीमा किया जाएगा। पशुपालक को कोई भी किस्त नहीं देनी होगी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रीमियम अदा करेंगी।

उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीबीएस यादव ने जिलों के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को भेजे पत्र में हवाला दिया है कि खेती पर निर्भरता कम करने के लिए जोखिम प्रबंधन एवं पशु धन बीमा योजना शुरू की गई है। बीमा एक वर्ष और तीन वर्ष का किया जाएगा। चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र के लिए बीपीएल अनुसूचित वर्ग के लिए 50-50 फीसदी प्रीमियम केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर देगी। इसमें पशुपालक को पैसा नहीं जमा करना पड़ेगा। सीवीओ के मुताबिक 30 जून पशुओं का बीमा कराने की आखिरी तारीख है। पशु चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

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हादसों के बाद मिलेगा लाभ

इस समय आग के हादसे अधिक होते हैं। कई आग की घटनाओं में पशुओं की मौत भी हो जाती है। कई बार पशु विकलांग हो जाते हैं। पशु चोरी की वारदातें भी होती हैं। अब पशु धन बीमा योजना से पशु पालकों को निराश नहीं होना पडे़गा।

देसी नस्ल के लिए प्राथमिकता

बीमा का लाभ देसी नस्ल के पशुओं को अधिक मिलेगा। उनका बीमा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए पशु स्वामी और पशु की फोटो भी लगेगी। योजना सेवाकर से मुक्त है। सीवीओ डॉ. वीके त्रिवेदी बताते हैं कि स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी से मिलकर पशु पालक बीमा करा सकते हैं। भेजे गए पत्र के मुताबिक सूबे में 1.10 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है।

एक पशुपालक पांच दुधारू पशुओं का बीमा करा सकता है। इसमें छोटे पशु जैसे बकरी पालक को 50 बकरियों का बीमा कराने की छूट दी गई है। बड़े पशु के बराबर 10 बकरियों का बीमा होगा।
डॉ. वीके त्रिवेदी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी

अन्य जिलों में 25 और 10 फीसदी लगेगी किस्त

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके त्रिवेदी बताते हैं, ‘‘अन्य जिलों में सामान्य वर्ग के लिए प्रीमियम मूल्य का 50 फीसदी राज्य सरकार, 25 फीसदी केंद्र सरकार और पशुपालक 25 फीसदी जमा करेगा। बीपीएल सामान्य श्रेणी के लिए 40 फीसदी केंद्र सरकार और 50 फीसदी राज्य सरकार किस्त देगी। 10 फीसदी ही लाभार्थी पशुपालक को देना होगा।’’

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