गाजियाबाद : तय समय पर बकाया राशि न मिलने से किसान परेशान 

गाजियाबाद : तय समय पर बकाया राशि न मिलने से किसान परेशान तय समय पर बकाया राशि न मिलने से किसान परेशान

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गाजियाबाद। योगी सरकार 100 दिन पूरे होने पर सरकार उपलब्धियां गिना रही है। किसानों की कर्ज माफी और गाँवों में 18 घंटे बिजली की घोषणा करके अपनी पीठ थप-थपा रही है, लेकिन इन सभी घोषणाओं के बाद भी गाजियाबाद के किसानों की समस्या कम होने का नाम ही नहीं ले रही है।

कभी सिंचाई तो कभी जमीन के मुआवजे को लेकर शासन और किसानों के बीच टकराव का दौर जारीहै। इस बीच एक नए मामले में मोदीनगर तहसील के किसानों का आरोप है कि उनके खाते में ब्याजका महीनों बाद भी एक पैसा नहीं आया है।

वहीं, जिला गन्नाधिकारी का कहना है कि समिति की तरफ से ब्याज का पैसा भेजा जा चुका है। यहकमी बैंक स्तर से हो रही है।

ये भी पढ़ें : यूपी में हर साल बर्बाद होती हैं 20 फीसदी हरी सब्जियां

भाकियू नेता हरेंद्र नेहरा ने बताया, “ एक माह पूर्व प्रशासन ने घोषणा की थी कि मोदी शुगर मिल पर12 से 27 अक्टूबर तक के किसानों के बकाया भुगतान के ब्याज की 1.80 करोड़ की राशि किसानों कोउनके खाते में दे दी जाएगी। लेकिन आज तक गदाना, सौंदा, किल्हौड़ा समेत विभिन्न बैंकों में किसानों के ब्याज का एक पैसा भी नहीं पहुंचा है।” किसानों ने आरोप लगाया है कि मिल से भुगतान मिलने के बाद समिति किसानों के पैसे का ब्याज अपने आप हजम कर रही है।

ये भी पढ़ें : 70 प्रतिशत किसान परिवारों का खर्च आय से ज्यादा, कर्ज की एक बड़ी वजह यह भी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

इस बारे में जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप का कहना है,“ समिति की तरफ से किसानों केब्याज की राशि बैंकों को भेज दी गई है। यह चूक बैंक स्तर से हो रही है। इस समस्या से जिलाधिकारीको अवगत करा दिया गया है। जल्द ही बैंक अधिकारियों की इस संबंध में बैठक बुलाई जाएगी और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी वो करके किसानों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।” जलालाबाद के किसान गंगा राम (58वर्ष) का कहना है,“ प्रशासन की नजर में किसानों की कोई इज्जत नहीं है।”

ये भी पढें: उत्तर प्रदेश में आलू किसानों के साथ नया चुटकुला ... विभाग दे रहा बेढंगी सलाह

वहीं इसी गाँव के दूसरे किसान किरण पाल (52वर्ष) का कहना है, “योगी सरकार बड़ी बड़ी बाते करतीहै। सब कागजों पर विकास हो रहा है। हमें आज भी थक्के खाने पड़ रहे हैं अपने ही पैसों के लिए।”

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top