अगले पांच वर्षों में यूपी में 20 लाख नौकरियां देने का लक्ष्य

अगले पांच वर्षों में यूपी में 20 लाख नौकरियां देने का लक्ष्यनई दिल्ली में उत्तर प्रदेश इंवेस्टर समिट 2018 के दौरान उपस्थित गणमान्य।

नई दिल्ली। “उत्तर प्रदेश सरकार उद्यमियों, निवेशकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और निराकरण के साथ उनको सुगमतापूर्वक सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये सदैव तत्पर रहेगी। उप्र सरकार उद्यमियों और निवेशकों की समस्याओं के निदान के लिए एकल खिड़की प्रणाली विकसित कर रही है, जिसके तहत उनको सभी स्वीकृतियां ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार अगले 5 वर्षों में प्रदेश में 5 लाख करोड़ का निवेश स्थापित करते हुए 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने के लिये संकल्पबद्ध है।“

यह बातें उत्तर प्रदेश के औद्यौगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने ‘उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर समिट-2018‘ के तहत नई दिल्ली में आयोजित प्रथम रोड शो के दौरान व्यक्त किए। समिट का यह पहला रोड शो था, इसके अलावा अन्य शहरों- बंगलौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, कोलकता और मुम्बई में इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने रोड शो का आयोजन होगा।

देश-विदेश के प्रख्यात व्यापारिक घरानों और फिल्म निर्माण क्षेत्र में निवेश आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण करने के लिए 22 दिसम्बर को मुम्बई में होने वाले रोड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाग लेने की सम्भावना है।

औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाया गया

समिट में आए हुए निवेशकों और उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाया गया है। नई उद्योग नीति उद्यमियों से विचार-विमर्श के पश्चात बनाई गयी है, जो निवेशकों के लिये लाभकारी सिद्ध होगी।“ उन्होंने आगे कहा, “वर्तमान सरकार द्वारा लागू की नई औद्यौगिक नीति की कई देशों द्वारा प्रशंसा एवं सराहना की गयी है और प्रदेश अधिक से अधिक निवेश के लिये भी तैयार हैं।“

उत्तर प्रदेश में विकास एवं निवेश की अपार सम्भावनाएं

औद्यौगिक विकास मंत्री ने उद्यमियों निवेशकों को विश्वास दिलाया कि नई औद्यौगिक नीति के तहत उन्हें भूमि, तकनीक और विभिन्न प्रकार की आवश्यक सुविधायें भी दिलायी जाएंगी। महाना ने कहा, “प्रदेश में विकास एवं निवेश की अपार सम्भावनायें हैं।“ इन्वेस्टर समिट-2018 के माध्यम से उन्होंने निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया तथा उन्हें उद्योग एवं इकाई संचालन के लिये सुरक्षा सहित हर सम्भव मदद प्रदान करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न उत्पादों के औद्यौगिक सैक्टरों का चिन्हीकरण किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को उद्योग स्थापना सहित आयात व निर्यात में सुगमता मिलेगी।

अधिक सफल बनाने में मिलेगी सहायता

प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्यौगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय ने बताया, “नीदरलैंण्ड समिट का लीडिंग पार्टनर है। समिट के दौरान रोड शो के आयोजन से विभिन्न प्रान्तों के उद्योगपतियों और निवेशकों से बी-2-जी के लिये विचार विमर्श हो सकेगा, जिससे आयोजन को और अधिक सफल बनाने में सहायता मिलेगी। बुंदेलखण्ड एवं पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से इस क्षेत्र के उद्यमियों को अपने उत्पाद देश की राजधानी भेजने में सफलता मिलेगी।“

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये अनकूल वातावरण के साथ विकास और निवेश की अपार सम्भावनाएं हैं। निवेशकों और उद्यमियों को सभी प्रकार की सुविधायें मुहैया कराई जाएंगी। अगले 5 वर्षों में प्रदेश में 5लाख करोड़ का निवेश और 20 लाख नौकरियां देने का लक्ष्य है।
सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश

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