गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी कानपुर में गिरफ्तार

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी कानपुर में गिरफ्तारपूर्णिमा शुक्ला और राजीव मिश्रा

लखनऊ। गोरखपुर के बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। वे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी थे। यूपी एसटीएफ की टीम ने दोनों को कानपुर से गिरफ्तार किया है।

राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी कानपुर में छुपे हुए थे। ख़बरों के मुताबिक उन्होंने कानपुर के एक नामी वकील के यहां शरण ली थी। शरण देने वाले वकील पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौतों के मामले में रविवार को लखनऊ के हजरतगंज थाने में 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इनमें पहली एफआईआर भ्रष्टाचार, दूसरी लापरवाही बरतने और तीसरी एफआईआर प्राइवेट प्रैक्टिस के खिलाफ दर्ज की गई है।

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इस एफआईआर में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर राजीव मिश्रा, डॉ कफील खान, डॉ सतीश, डॉ पूर्णिमा शुक्ला, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल, लेखाकार सुधीर पाण्डेय, सहायक लिपिक, पुष्पा सेल्स के उदय प्रताप शर्मा और मनीष भंडारी पर कुल 7 धाराओं में तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

बता दें, कि यूपी के डीजी हेल्थ केके गुप्ता के तरफ से दी गई तहरीर के बाद पुलिस ने इस सभी लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 409,308,120B,420 भष्टाचार निवारण अधिनियम धारा 8, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 की धारा 15आईटी एक्ट, 2000 की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वहीं इस एफआईआर में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होने का भी जिक्र है।

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गौरतलब है कि बीआरडी मेडिकल कालेज में पिछले दिनों इंसेफ्लाइटिस व एनआईसीयू वॉर्ड में कई बच्चों की मौत हो गई थी। मामले में आॅक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के आरोप लगे थे, जिससे यूपी सरकार ने साफ इंकार किया था।

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