आर्थिक रूप से कितनी सक्षम हुई ग्रामीण महिलाएं, सरकार करेगी समीक्षा

आर्थिक रूप से कितनी सक्षम हुई ग्रामीण  महिलाएं, सरकार करेगी समीक्षायूपी में ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने के लिए लिए करीब छह हजार स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं (फोटो: विनय गुप्ता)

लखनऊ। भूमि सुधार निगम के तहत प्रदेश भर में बनाए गए छह हजार महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद से महिलाएं कितनी सशक्त हुईं। उन्हें कितनी आर्थिक मदद मिली, इसकी समीक्षा अब सरकार करेगी। साथ ही यह भी पता किया जाएगा कि उनको कितना लाभ हुआ और इससे उनकी हालत में कितना बदलाव हो सका।

महिला समूहों को अब तक दी गई सहायता की समीक्षा की जाए। इसकी एक रिपोर्ट तैयार की जाए कि अब तक उन्हें कितना लाभ हुआ और उनकी हालत में कितना बदलाव हुआ। सोडिक तृतीय परियोजना के अन्तर्गत पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की पूरी रिपोर्ट तैयार करके उन्हें अवगत कराया जाए कि अब तक इससे कितना लाभ हुआ है।
उपेन्द्र तिवारी, भूमि विकास व जल संसाधन, सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

जल सम्पूर्ति, भूमि विकास व जल संसाधन, परती भूमि विकास, सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उपेन्द्र तिवारी ने उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम मुख्यालय पर परियोजना प्रबन्धकों द्वारा परियोजना स्तर पर कराए गए कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस बैठक में निर्देश दिए कि ग्रामीण स्तर पर परियोजना के कामों की निरन्तर समीक्षा की जाए और गाँव स्तर पर केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी हो जिससे कृषकों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

तिवारी यूपी भूमि सुधार निगम द्वारा परियोजना क्षेत्र में गठित लगभग 6000 महिला स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की प्रशंसा की और कहा कि महिला समूहों को अब तक दी गई सहायता की समीक्षा की जाए। इसकी एक रिपोर्ट तैयार की जाए कि अब तक उन्हें कितना लाभ हुआ और उनकी हालत में कितना बदलाव हुआ। सोडिक तृतीय परियोजना के अन्तर्गत पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों के भौतिक सत्यापन का निर्देश देते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि इस घटक के कार्यों की पूर्ण रिपोर्ट तैयार करके उन्हें अवगत कराया जाए कि अब तक इससे कितना लाभ हुआ है।

तिवारी ने केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी कृषकों को दिए जाने के निर्देश दिए ‍ व योजनाओं में पारदर्शिता लाने और सिंचाई विभाग द्वारा सोडिक तृतीय परियोजना के अन्तर्गत जल निकास नालों के कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के भी निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने परियोजना के कार्यों को धरातल स्तर पर समीक्षा किए जाने और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण किए जाने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम ने राज्यमंत्री के निर्देशों के कार्यान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि यूपी भूमि सुधार निगम सोडिक तृतीय परियोजना में कराए गए कार्यों की गाँव स्तर पर समीक्षा कर इससे प्राप्त लाभों और सृजित सम्पत्तियों का एक माह में ब्योरा तैयार करके फिर से समीक्षा की जाएगी और योजना का लाभ गाँव स्तर पर पहुँचाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।

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