उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बढ़ रहा है बाढ़ का ख़तरा

उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बढ़ रहा है बाढ़ का ख़तरासरसंडा ग्राम पंचायत में तेजी से बढ़ रहा घाघरा नदी का जल स्तर। फोटो: राजेश कुमार

लखनऊ। लगातार हो रही बारिश से नदियां उफनाने लगी हैं, इसी के साथ कई जिलों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग की अगले 48 घंटों में होने वाली मूसलाधार बारिश की चेतावनी के बाद 10 जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। गंगा, यमुना, सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। घाघरा नदी खतरे के निशान से मात्र 18 सेमी. दूर है।

प्रमुख सचिव, राहत आयुक्त डॉ. राजनीश दुबे बताते हैं, “अभी तक 500 करोड़ रुपए बाढ़ संभावित जिलों को भेज दिया गया है और 10 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सभी जिलाधिकारियों को समय-समय पर सूचना भेजी जा रही है। आपदा के पूर्व की सभी तैयारी कर ली गई। खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग भी सहायता कर रहा है। स्कूलों, सामुदायिक केंद्र आदि में रहने की व्यवस्था कर ली गई है।”

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वहीं, गोंडा जिले की करनैलगंज तहसील में घाघरा नदी के किनारे बसे 28 मजरों में पानी घुसना शुरू हो गया है। दो मजरों खालेपुरवा और राधेपुरवा शुक्रवार को पूरी तरह जलमग्न हो गए। हालांकि प्रशासन ने दोनों मजरों को पूरी तरह खाली करा लिया है।

करनैलगंज की उप जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया, “जिन गाँवों की ओर पानी बढ़ रहा है, उन्हें खाली कराया जा रहा है। लगातार हो रही बरसात से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। लगातार बाढ़ पर निगरानी की जा रही है।”मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गोरखपुर में सर्वाधिक 25.8 मिमी, वाराणसी में 15.2 मिमी, बरेली में 11.2 मिमी, गाजीपुर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बाराबंकी में बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लेतीं राज्य मंत्री स्वाती सिंह।

लखीमपुरखीरी जिले में पलिया तहसील सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित रहता है। यहां अपर जिलाधिकारी मुनिश नारायण पाण्डेय बताते हैं, “बाढ़ से सबसे ज्यादा यहां के 85 गाँव प्राभावित होते हैं। राष्ट्रीय आपदा नियंत्रण बल की टीम यहां पर आ गई है। बाढ़ प्राभावितों के रहने और खाने की व्यवस्था कर ली है। खाने के लिए टेन्डर दे दिया गया है और नाव की भी व्यवस्था कर ली गई है।”

वहीं, श्रावस्ती में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। यहां जिलाधिकारी दीपक मीणा बताते हैं, “बाढ़ को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई। बाढ़ के लिए 23 नावों की व्यवस्था की गई है।”वह आगे बताते हैं, “यहां लगभग 150 गाँव में बाढ़ आती है, लेकिन 72 गाँव बहुत ज्यादा प्रभावित होते हैं। इन गाँवों में भी संबंधित विभागों की टीमें मौजूद हैं और ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया है।”

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इन दस जिलों में जारी किया गया हाई अलर्ट

लखनऊ, प्रतापगढ़, फैजाबाद, गोंडा, रायबरेली, हरदोई, बाराबंकी, बदायूं, बरेली और मुरादाबाद

अब तक सबसे ज्यादा बारिश गोरखपुर में

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गोरखपुर में सर्वाधिक 25.8 मिमी, वाराणसी में 15.2 मिमी, बरेली में 11.2 मिमी, गाजीपुर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई।

  • 28मजरों में बाढ़ का पानी घुसा, गोंडा के ग्रामीणों ने मजरों से किया पलायन
  • 18सेंटीमीटर ख़तरे का निशान छूने में बाकी है घाघरा नदी का पानी
  • 2मजरे खालेपुरवा और राधेपुरवा पूरी तरह हो गए जलमग्न

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