जागरुकता के अभाव के चलते मेरठ में बढ़ रहे एचआईवी के मरीज

Sundar ChandelSundar Chandel   9 Nov 2017 2:39 PM GMT

जागरुकता के अभाव के चलते मेरठ में बढ़ रहे एचआईवी के मरीजसाभार: इंटरनेट 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

मेरठ। जनपद में जरा सी भूल से परिवार तबाह हो रहे हैं। लगातार बढ़ रही एचआईवी पीड़ितों की संख्या इस बात का सबूत है कि बड़ों की नासमझी के कारण मासूम बच्चे भी इस लाइलाज बीमारी की चपेट में हैं। उनके चेहरे से बचपन की मुस्कान छिन रही है, जिसके चलते वे हर पल मरने को तैयार हैं। लाला लाजपतराय मैमोरियल मेडिकल कालेज स्थित एआरटी सेंटर पर ऐसे ही सैंकड़ों मरीजों का उपचार चल रहा है।

जिले में पिछले वर्ष 16000 हजार से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए थे। जिनमें से 328 मरीजों में एचआईवी की पुष्टि हुई थी। कालेज रिकाॅर्ड के अनुसार इस वर्ष भी जनवरी से अक्टूबर तक लगभग 234 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इलाज करा रहे मरीजों के बारे में जानेंगे तो बहुत सारे चैकाने वाले तथ्य सामने आए। जरा सी नासमझी के कारण इन्होने अपने पूरे परिवार को अंधेरे में धकेल दिया।

ये भी पढ़ें-इस गाँव में एचआईवी टेस्ट पास करने के बाद ही शादी

एचआईवी को रोकने के लिए व्यापक पैमाने पर जागरुकता लाने की जरूरत है। इससे दो फायदे होंगे, एक तो बीमारी पर अंकुश लगेगा, दूसरे परिवार में होने वाले विवाद भी रोके जा सकेंगे। दंपति की काउंसलिंग बहुत जरूरी है।
डाॅ. रवि राणा, वरिष्ठ मनोचिकित्सक

एक दूसरे पर लगा रहे आरोप

इनमें से कई दंपति ऐसे मिले जो एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इसी बात के चलते उनके घर में कलह ने जन्म ले लिया है। इस विवाद को कम करने के लिए राष्ट्रीय एड्स संगठन की ओर से एआरटी सेंटर पर चिकित्सा सुविधा के साथ काउंसलिंग की भी सुविधा दी जा रही है।

ये भी पढ़ें-एक एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की कहानी जिसने बीमारी से आगे आकर बदली अपनी किस्मत

पूरा परिवार चपेट में

जनपद मुज्जफरनगर निवासी परिवार ने 20 साल के बेटे को मेरठ पढ़ाई के लिए भेजा। एक साल बाद युवक की तबीयत बिगड़ने लगी। दो से चार माह तक इलाज चला, लेकिन ज्यादा आराम नहीं लगा। चिकित्सक ने जांच कराई तो उसमें एचाआईवी पाॅजीटिव पाया गया। इलाज के लिए युवक को सरकारी सेंटर भेजा गया। युवक ने इस बीमारी के बारे में परिवार को नहीं बताया। कुछ दिन बाद परिजनों ने उसकी शादी तय कर दी। शादी के बाद पत्नी और छह माह का बेटा भी चपेट में है। ऐसा ही एक मामला और मिला है, सरधना निवासी पति पत्नी और दो बच्चों को एड्स है, उनका भी इलाज चल रहा है।

घर में भी कलह

सरीता काल्पनिक नाम का वैवाहिक जीवन खुशहाली से चल रहा था। परिवार में एक बेटा और अच्छा-खास बिजनेस था। जब सरीता दोबारा गर्भवति हुई, तो डाॅक्टर ने ब्लड टेस्ट कराया। जांच में पता चला कि शरीर मे एचआईवी वायरस एक्टिव है। इसके बाद पति ने जांच कराई तो उसे भी एचआईवी पाया गया। बेटे की जांच कराई तो उसमें भी वायरस एक्टिव पाया गया। अब दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जो परिवार में कलह का कारण बना हुआ है।

ये भी पढ़ें-एचआईवी-एड्स रोगियों को नौकरी से निकालने पर मिलेगी सजा, कानून को मंजूरी

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top