शर्मनाक : बेटी से रेप में नाकाम होने पर तेजाब से मां को जलाया

Abhishek PandeyAbhishek Pandey   25 Jun 2017 9:58 PM GMT

शर्मनाक  : बेटी से रेप में नाकाम होने पर तेजाब से मां को जलायाएसिड अटैक पीड़िता।

लखनऊ। पति की नौ साल पहले हुई मौत के बाद जिंदगी खत्म सी हो गई थी, उसके ऊपर चार बच्चों को पालने की जिम्मेदारी। इसे देख कर ही देवर माइकल से दूसरी शादी कर ली, लेकिन एक दिन माइकल की ही नियत मेरी आठ साल की पुत्री पर खराब हो जायेगी ऐसा मुझे बिल्कुल यकीन नहीं था।

पति की इस हरकत की शिकायत इंदिरानगर थाने में दर्ज कराई तो इससे नाराज हो कर माइकल ने दो दिन बाद रात के वक्त छत पर आकर मुझ पर तेजाब डाल दिया। तेजाब हमले से मेरा आधा शरीर बुरी तरह जल गया, लेकिन पुलिस वाले कहते हैं कि, खुद खोज लो अपने पति को, नहीं तो सब्र रखो। जिंदा लाश बनी सुनीता (बदला हुआ नाम) अपना दर्द बयां करते हुए रो पड़ी और बताया कि, न्याय तो दूर पुलिस वाले उससे मिलते तक नहीं हैं। पुलिस के इस अमानवीय चेहरे को देख सुनीता का न्याय व्यवस्था से पूरी तरह विश्वास उठ चुका है।

वह आगे कहती है कि, पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के चलते सुसराल वालों ने भी उसे घर से बेदखल कर दिया, इसके चलते वह दर-बदर भटकने को मजबूर है, लेकिन उसकी यह हालत देख इंदिरानगर के रसूलपुर गांव के एक महंत ने सुनीता और उसकी आठ साल की बेटी को अपने मंदिर परिसर में रहने की जगह दे दी, जिससे दोनों मॉंं-बेटी को रहने को एक आसरा मिल गया।

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मूल रूप से मोहनलालगंज के निगोहां की रहने वाली सुनीता ने बताया कि, उसकी शादी 15 साल पहले इंदिरानगर के बसतौली गांव निवासी राजकुमार के साथ हुई थी, लेकिन शादी के सात साल बाद उसके पति की मृत्यु हो गई। इसके बाद सुनीता को चार बच्चों का आसरा अपने देवर माइकल उर्फ छोटू के अंदर दिखा। दोनों ने दूसरी शादी कर तीन बेटे और एक बेटी के साथ रहने लगे। घर का खर्चा चलाने के लिए पति-पत्नी सर्कस में काम करने लगे। इस बीच 6 जून 2017 को पति रात को शराब के नशे में घर आया और बगल में सो रही आठ वर्षीय बच्ची के कपड़े उतार कर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास करने लगा।

बच्ची के शोर मचाने पर सुनीता की आंख खुल गई। उसने इसका विरोध किया तो माइकल ने सुनीता और उसकी बच्ची को बुरी तरह पीट-पीट कर घायल कर दिया और मौके से फरार हो गया। सुनीता ने तत्काल घटना की सूचना इंदिरानगर पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी माइकल के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन गरीब परिवार होने के चलते इस केस में कुछ खास दिलचस्पी नहीं दिखाई।

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पीड़िता के अनुसार, पुलिस के इस व्यवहार को देख वह समझ चुकी थी कि, उसके पति माइकल को बेटी के साथ दुष्कर्म के मामले में सलाखों के पीछे भेजना बहुत मुश्किल है। एसिड अटैक के बारे में सुनीता बताती हैं कि आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर 9 जून को अपनी बेटी के साथ छत पर सो रही थी कि, वहां अचानक माइकल आया और उसके हाथ में एक बोतल थी, जबतक वह कुछ समझ पाती माइकल ने एफआईआर लिखाने की कीमत झेलने की बात कहकर उसके शरीर पर तेजाब डाल मौके से फरार हो गया।

पुलिस की मदद से अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक ईलाज के बाद उसे छोड़ दिया गया। सुनीता को लगा की पति की इस करतूत के बाद भी पुलिस उसे अब जल्द पकड़ लेगी, लेकिन पुलिस ने महज आरोपी के पिता पाले को दो दिन थाने में बैठाकर छोड़ दिया। सुनीता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि, वह न्याय के लिए रोजाना थाने जाती है। बावूजद इसके उसकी थाने में कोई सुनने वाला नहीं है। पीड़िता ने तेजाब से जले अपने कपड़े तक पुलिस को दे दिया, फिर भी पुलिस को यह हमला तेजाब का नहीं दिख रहा।

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सुनीता के अनुसार अब तो तेजाब के जलन से उसका पूरा शरीर जलता है, जिसके इलाज के लिए उसके पास रुपए तक नहीं है। दोनों मां-बेटी इसी आस में बैठी हैं कि, कोई बड़ा हमला कर उसका पति उसे इस जिंदा लाश जैसी जिंदगी से छुटकारा दे-दे। वहीं इस मामले में इंदिरानगर एसओ मुकुल वर्मा का कहना है कि, महिला के आरोप गलत है, हम उसके पति माइकल को खोजने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने तेजाब से हमले की बात से ही पूरी तरह इंकार कर दिया, जबकि पीड़िता का आधा शरीर तेजाब से जला है। उधर एसएसपी दीपक कुमार से इस बाबत पूछा गया तो, उन्होंने बताया कि, पूरे मामले की जांच कराई जाएंगी। अगर इसमें किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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