गर्मी में फल फूल रहा बिना लाइसेंस पानी की बिक्री का अवैध कारोबार

गर्मी में फल फूल रहा बिना लाइसेंस पानी की बिक्री का अवैध कारोबारगॉंव कनेक्शन। (प्रतीकात्मक फोटो)

अनिल चौधरी (स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क)

पीलीभीत। इन दिनों उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जनपद के समस्त पेट्रोल पंपो पर तेल में खेल पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है, वहीं पीलीभीत जिले में डीएम के निर्देशानुसार खाद्य विभाग शहर में चल रहे पीने के पानी की अवैध बिक्री करने वालों को भी पकड़ने में लगा है। हाल ही में खाद्य विभाग के इस कार्रवाई में बगैर लाइसेंस के चल रही पीने के पानी के पॉलीथिन पाउच बनाने वाली एक फैक्ट्री को पकड़ा और मशीन को सील कर दिया। यह कार्रवाई डीएम शीतल वर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी वीके वर्मा के नेतृत्व में हुई। टीम ने शहर में छापेमारी कर पानी सप्लाई करने वालों की जांच की। जांच के दौरान किसी भी सप्लायर के पास न तो पानी की शुद्धता की जांच के कोई अभिलेख मिले और न ही कोई अन्य जांच रिपोर्ट मिली। इस पर सभी को नोटिस जारी किया गया।

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मोहल्ला तुलाराम में गंगोत्री जल के नाम से पानी सप्लाई करने वाले प्लांट पर टीम को बिना लाइसेंस के पॉलीथिन पाउच में पीने का पानी पैक होते मिला। इस प्लांट पर मशीन को सील कर दिया गया है। वहीं सूत्रों की माने तो शहर में अनेक ऐसे वाटर प्लांट चल रहे हैं, जो हजारों लीटर पानी जमीन से निकालकर उसकी गुणवत्ता और शुद्धता की जांच किए बिना शादी-विवाह समारोह और सरकारी दफ्तरों में सप्लाई कर रहे हैं। यही नहीं अवैध कमाई यह खेल भी बिना लाइसेंस के ही चल रहा है।

पानी की पैकिंग के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैण्डर्ड एवं आईएसआई से लाइसेंस प्राप्त करना होता है, लेकिन इस कार्रवाई में हमें कोई भी लाइसेंस नहीं मिला। इसके बाद मशीन को सील करने का नोटिस जारी किया गया, साथ ही इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
वीके वर्मा, अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन

इसी क्रम में जिला मुख्यालय से लगे आस-पास के गॉंवों में भी जब गॉंव कनेक्शन के रिपोर्टर ने पड़ताल की तो अन्य कई ऐसे प्लांट चलने के सबूत मिले, जिनके पास न तो लाइसेंस है और न ही पानी की शुद्धता का ख्याल रखा जा रहा है। चिड़ियादह में भी एक ऐसे ही प्लांट चलने की सूचना सूत्रों ने दी है। यहां चल रहे वाटर प्लांट के प्रबंधक से जब लाइसेंस होने की बात की गई तो वह गोलमोल जवाब देकर निकल पड़ा। सूत्रों के अनुसार यह प्लांट भी बगैर जिला प्रशासन की अनुमति के ही चलाया जा रहा है। इसके अलावा कई ऐसे प्लांट हैं, जिसमें पानी की गुणवत्ता का कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जाता।

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