किसानों के लिए अधूरा सपना बना हाट बाजार

किसानों के लिए अधूरा सपना बना हाट बाजारधीरे-धीरे हो रहा अतिक्रमण, गंदगी पसार रही पैर

शुभम मिश्र, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

गुगरापुर (कन्नौज)। जिले भर में ग्रामीणों को सुविधा देने के लिए हाट बाजार खोले जा रहे हैं। वहीं एक बाजार ऐसा है जो अब तक शुरू नहीं हो पाया है। कई वर्ष पहले भवन निर्माण के लिए लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं।

जिला मुख्यालय से करीब 28 किमी दूर बसे गुगरापुर ब्लाक क्षेत्र के मोहनपुर गाँव में कई सालों पहले हाट बाजार बनाया गया था, लेकिन अब यहां अतिक्रमण है। पूरे परिसर में बड़ी-बड़ी जंगली घास उग आई हैं। अब ग्रामीण भी इस भवन पर अतिक्रमण करने लगे हैं। लोहे के दरवाजे भी टूट चुके हैं। काफी सामान चोरी भी हो चुका है।

मोहनपुर गाँव निवासी प्रदीप शर्मा (40वर्ष) का कहते हैं, ‘‘हमारे गाँव में हाट बने लगभग सात साल हो चुका है। दुकान में लोगों ने भूसा भर रखा है, मैदान को तबेला बना रखा है।”

ग्रामीण हाट में भरा दबंगों ने भरा भूसा

इसी गाँव के 24 साल के शुभित शुक्ल कहते हैं, ‘‘इस ग्रामीण हाट में गाँव के कई दबंग लोगों ने कब्जा कर रखा है। किसी ने भूसा भरा तो किसी ने जानवर बांधे। कोई भी अधिकारी इस पर कार्रवाई नहीं करता है।”

इसी गाँव के ज्ञान प्रकाश सक्सेना (32वर्ष) बताते हैं, ‘‘यह ग्रामीण हाट करीब छह साल पहले बसपा की सरकार में बना था। तभी से यहां दबंगों का कब्जा है। इसमें 10 दुकानें और दो टीन शेड है।”

ग्रामीणों हाट में अतिक्रमण तो कही पूरे परिसर में बड़ी-बड़ी जंगली घास उग आई हैं।

वहीं प्रधान प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह यादव का कहना है, ‘‘गांवों में दबंग लोग भूसरा भरे हम मना करन जाई तौ का उनकी मार खाई। अगर हमें कुछ लिखित दई जाए तौ हम साफ सफाई कराई दे।”

कृषि मंडी समिति के सचिव डा. आदित्य यादव से जब इस सम्बन्ध में बात किया गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरे यहां आने से पहले वाले सचिव के कार्यकाल में हाट की दुकानें उठा दी गई थीं। दुकानें शुरू कराने की जिम्मेदारी मेरी नहीं है। हाट में खाद, कीटनाशक, बीज और फल आदि मिलता है। पिछड़े क्षेत्र में कौन दुकानें खोलेगा।’’

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