विश्व पर्यावरण दिवस: लखनऊ की हवा में बढ़ रहा जहर, जानिए कौन सा इलाका है सबसे प्रदूषित?

विश्व पर्यावरण दिवस: लखनऊ की हवा में बढ़ रहा जहर, जानिए कौन सा इलाका है सबसे प्रदूषित?लखनऊ में बढ़ रहा प्रदूषण ( फोटो साभार: इंटरनेट)

लखनऊ। जैसे-जैसे लखनऊ की जनसंख्या बढ़ रही है राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार, इंदिरानगर और गोमतीनगर जैसे इलाके आवासीय इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं, और हवा में रेसपिरेबल पर्टिकुलेट सस्पेंडेड मैटर (आरएसपीएम) इस साल सबसे उच्च स्तर में है। इंदिरानगर की हवा में आरएसपीएम की मात्रा 240.8 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है, ये संख्या से‍फ लिमिट से चार गुनी ज्यादा है।

मानसून से पहले शहर में आईआईटीआर द्वारा जारी सैंपलिंग रिपोर्ट में पाया गया कि लखनऊ के आवासीय इलाकों में पिछले साल से इस साल हवा में जहर की मात्रा में काफी ज्यादा इजाफा हुआ है।

इसमें इंदिरा नगर पहले नंबर पर उसके बाद 231.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर आरएसपीएम मात्रा के साथ गोमती नगर दूसरे नंबर पर, तीसरे नंबर पर अलीगंज (228.7 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर) और चौथे नंबर पर सबसे कम जहर के साथ विकासनगर (193.6 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर) है।

विशेषज्ञों के अनुसार, चार से पांच माइक्रॉन आरएसपीएम आकार वाली जहरीली हवा, सांस के जरिए मानवीय अंगों के अंदर जाकर बीमारी पैदा करते हैं। खासकर फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।

जहरीली हवा में सांस लेने से सीओपीडी (क्रोनिक ऑबस्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज), अस्थमा और दूसरे श्वास संबंधी बीमारियां हो सकती है। इस तरह की बीमारियां औसत उम्र से पहले मौत को बढ़ावा दे रही है।

हवा में आरएसपीएम की मात्रा ( माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर)

व्यवसायिक क्षेत्र

चारबाग - 242.5

आलमबाग- 189.2

अमीनाबाद - 196.4

चौक - 310.6

औद्योगिक क्षेत्र

अमौसी - 210.1

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