कर्ज लिए 62 हजार, माफ हुए 315 रुपए 

Ajay MishraAjay Mishra   14 Sep 2017 4:52 PM GMT

कर्ज लिए 62 हजार, माफ हुए 315 रुपए ऋण मोचन योजना

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

कन्नौज। ‘‘आर्यावर्त ग्रामीण बैंक शाखा सिकंदरपुर से करीब 62 हजार का लोन लिया था। मुझे आज ऋण माफी का प्रमाण पत्र देने के लिए यहां बुलाया गया था। सिर्फ 315 रुपए माफ होने का प्रमाण पत्र मिला।’’ यह कहना है 40 वर्षीय किसान राजेश शुक्ल का।

जिला मुख्यालय कन्नौज से करीब 35 किमी दूर तहसील छिबरामऊ क्षेत्र के सिकंदरपुर निवासी राजेश शुक्ल बताते हैं, ‘‘कर्ज 2016 में लिया था। सुबह से यहां बैठा हूं सिर्फ 315 रूपए कर्ज माफी का प्रमाण पत्र मिला है। कोई किस्त नहीं जमा की थी। यह अधिकारियों की लापरवाही है। मैं ठगा महसूस कर रहा हूं।’’ किसान राजेश शुक्ल आगे कहते हैं, ‘‘यह किसानों को गुमराह किया जा रहा है। किसानों को प्रोपेडंडा दिखाया जा रहा है।’’

ये भी पढ़िये : किसान मुक्ति यात्रा (भाग-4) : स्वागत में उड़ते फूल और सिलसिला नए तजुर्बात का

कन्नौज के जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि किसान ने पैसा जमा कर दिया होगा। इसलिए 315 रुपए माफ हुआ होगा। हो सकता है रिन्यूवल कराया हो। ऐसे प्रकरण जानकारी में हैं।

दूसरी ओर कई किसानों ने लेखपाल पर वसूली के भी अरोप लगाए। विकास खंड तालग्राम क्षेत्र के गदनापुर लोधी निवासी 28 साल के मुरली प्रसाद बताते हैं, ‘‘मेरे भाई का 25 हजार रुपए कर्ज माफ हुआ है। लेखपाल नरेंद्र दुबे घर आए थे। उन्होंने हस्ताक्षर को कहा। भाई थे नहीं, तो मैंने हस्ताक्षर किए। इस बात के उन्होंने 200 रुपए हमसे ले लिए।’’

ये भी पढ़िये : एक फोटो और फोटोग्राफर की पहल ने एक लड़की को नशे और वेश्यावृत्ति से बचा लिया

गदनापुर लोधी के ही 45 साल के स्वामीशरन बताते हैं, ‘‘मेरी 70 वर्शीय मां कुंदन देवी के नाम पर बैंक से कर्ज था। माफी के लिए बुलाया गया था। मां का पैर टूटा वह आ नहीं सकीं, इसलिए मैं आया था। सुबह से परेशान हूं, लेकिन प्रमाण पत्र नहीं मिला।’’ स्वामीशरन आगे कहते हैं, ‘‘यह लेखपाल की हरकत है। 200 रुपए मांगे थे। न देने पर प्रवेष पास पर प्रकोष्ठ संख्या और क्रम संख्या नहीं लिखी।’’

ये भी पढ़िये : वे बेजुबान हैं लिहाजा सरकारी नीतियों से बाहर हैं, हर साल अनदेखी से मर जाते हैं 1 लाख पशु

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top