एक ही परिवार के कई लोगों को दे दिये पट्टे 

एक ही परिवार के कई लोगों को दे दिये पट्टे सरकार का प्रयास रहता है कि गाँव के भूमिहीन गरीबों को रहने के लिए आवासीय पट्टे दिए जाय।

शाश्वत पांडेय, कम्युनिटी जर्नलिस्ट

शाहजहांपुर। सरकार का प्रयास रहता है कि गाँव के भूमिहीन गरीबों को रहने के लिए आवासीय पट्टे दिए जाय, जिससे उनको भी रहने के लिए छत मुहैया हो सके, लेकिन सरकारी कर्मचारी ग्राम प्रधानों के साथ सांठ गाँठ करके मोटी रकम लेकर तहसीलदार और एसडीएम को मैनेज करके गाँव के पक्के मकान वालों को बांट देते हैं।

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आरटीआई से हुई खुलासे से जानकारी मिली है कि कलान तहसील के जखिया गाँव जो फरूखाबाद-बदायूं हाइवे के किनारे स्थित है, यहां पर सड़क किनारे की ग्राम समाज की जमीन को प्रति पट्टा लाखों रुपया लेकर अपात्रों को बांट दिए गए। जबकि गाँव के गरीब तरसते ही रहे, क्योंकि उनके पास लेखपाल और प्रधान को देने के लिए रकम नहीं थी।

जखिया के ग्राम प्रधान जो कि भूमि प्रबंधन समिति का अध्यक्ष है उन्होंने लेखपाल के साथ मिलकर 32 आवासीय पट्टे आवंटित किये। ग्राम प्रधान ने 32 में से 21 पट्टे अपनी बिरादरी के लोगों को दे दिए। जिन लोगों को पट्टे दिए गये उन लोगों के पास पक्के मकान तथा जमीने हैं। इन लोगों को आवासीय पट्टों की कोई आवश्यकता नहीं थी।

ग्राम प्रधान ने एक ही परिवार के दो या तीन तीन लोगों को पट्टे दिए और तो और ग्राम प्रधान ने अपने परिवार के भाइयों को भी पट्टे दे दिए। हद तो तब हो गयी जब एक रिटायर्ड फ़ौजी जिनके पास पहले से ही दो मंजिला मकान है उनको भी आवासीय पट्टा दे दिया।

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