IAS अनुराग तिवारी मौत मामले देरी से घटनास्थल पर पहुंचने वाले यूपी 100 के 3 पुलिसकर्मी निलंबित

Abhishek PandeyAbhishek Pandey   29 May 2017 6:24 PM GMT

IAS अनुराग तिवारी मौत मामले देरी से घटनास्थल पर पहुंचने वाले यूपी 100 के 3 पुलिसकर्मी निलंबितमामले में लखनऊ पुलिस की बड़ी लापरवाही समाने निकल कर आई है।

लखनऊ। आईएएस अनुराग तिवारी की मौत में ढिलाई बरतने और देरी से मौके पर पहुंचने वाले डॉयल 100 के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। लखनऊ पुलिस ने ट्वीट कर इसकी सूचना दी है। इस मुद्दे को गांव कनेक्शन ने प्रमुखता से उठाया था।

समाने आई थी पुलिस की बड़ी लापरवाही

लखनऊ पुलिस के मुताबिक, आईएएस की मौत की सूचना एमसीआर (मॉर्डन कंट्रोल रुम) में 17 मई को सुबह 6 बज कर 10 मिनट पर मिली थी, जबकि उस रास्ते से गुजर रहे एक प्रत्यक्षदर्शी ने मीराबाई मार्ग पर पड़े अज्ञात शख्स को देख एमसीआर को इसकी सूचना बुधवार सुबह करीब 5:23 पर ही दे दी थी। साथ ही एमसीआर ने इस सूचना को सुबह 5:36 तक सभी संबंधित थानों को भी प्रसारित कर दिया था।

यह सभी रिकार्ड एमसीआर के रिकार्ड में अंकित है। वहीं इस मामले में एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार ने बताया कि, इस तरह की लापरवाही अगर जांच में सामने आई तो मामले से जुड़े दोषी पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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आईएएस अनुराग तिवारी के मौत के मामले में चौका देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रत्यक्षदर्शी युवक ने बताया कि, वह बुधवार सुबह हजरतगंज स्थित नरही क्षेत्र में कॉल सेंटर से जॉब कर मीराबाई की ओर से घर के लिए जा रहा था कि तभी रास्ते में गेस्ट हाऊस के पास एक शख्स रोड के बीचों-बीच ओंधे मुंह पड़ा हुआ है। इसकी सूचना उसने तत्काल एमसीआर 100 नम्बर को मोबाइल द्धारा दी। प्रत्यक्षदर्शी और एमसीआर रिकार्ड के अनुसार उसने यह सूचना करीब सुबह 5:23 बजे दी थी। साथ ही एमसीआर द्वारा यह सूचना हजरतगंज कोतवाली में भी प्रसारित करवा दिया गया था।

वहीँ बात करें इस पूरी सूचना की तो प्रथम दृष्टया घटना स्थल पर सूचना प्राप्त होते ही एमसीआर पुलिस को पहुँचना चाहिए था, लेकिन सूचना 40 मिनट पहले मिलने के बावजूद एमसीआर पुलिस सहित सम्बंधित थाने की पुलिस भी नहीं पहुँची। इस बाबत एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि, ऐसी बात मेरे संज्ञान में नहीं है, अगर सूचना मिलने के बावजूद ऐसी लापरवाही हुई है तो, आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच करवा उनके ऊपर शख्त कार्रवाई की जायेगी। वहीँ एमसीआर के एडीजी अनिल अग्रवाल ने दोषी पुलिस वालों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।

उधर इस मामले की जानकारी पीड़ित परिवार को मिलने पर अनुराग तिवारी के बड़े भाई ने कहा है कि, अगर सूचना पुलिस को 40 मिनट पहले ही मिल गई थी तो पुलिस कर्मी वक़्त रहते मौके पर पहुँच जाते तो शायद मेरे भाई को बचाया जा सकता था, लेकिन पुलिस ने सूचना मिलने की खबर सुबह 6:10 की बताई और तबतक सिविल अस्प्ताल में डॉक्टरों ने अनुराग को मृत घोषित कर दिया था।


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