लखनऊ: नरही के पार्षद बंटू यादव हत्याकांड की होगी दोबारा जांच

लखनऊ: नरही के पार्षद बंटू यादव हत्याकांड की होगी दोबारा जांचफाइलफोटो।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के चर्चित पार्षद अतुल यादव उर्फ बंटू यादव के हत्याकांड केस की जांच लखनऊ पुलिस दोबारा से करायेगी। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक, मृतक के भतीजे अभिषेक यादव ने एक प्रार्थना पत्र दिया है कि, उसके चाचा की मौत की जांच में बड़ी साजिश थी, जिसके चलते इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच दोबारा से शुरू हो। एसएसपी ने पीड़ित परिवार के प्रार्थना पत्र के आधार पर बंटू यादव हत्याकांड की जांच दोबारा से करवाने का निर्णय लिया है।

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि, परिवार की संतुष्टि के लिए जांच निष्पक्ष करवाई जायेगी। साथ ही उस वक्त के जांच अधिकारी और अन्य लोगों से पूछताछ होगी। एसएसपी की माने तो हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर शिव यादव से जेल में जांच अधिकारी दोबारा से पूछताछ करने जल्दी ही जाएगे।

ये भी पढ़ें-नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर 62 हजार हिस्ट्रीशीटरों पर निगाह, ये है पुलिस की तैयारी

लखनऊ के हजरतगंज में उस वक्त हड़कम्प मच गया था, जब सत्ताधारी पार्टी के नरही वार्ड से पार्षद अतुल यादव उर्फ बंटू यादव की सिविल अस्पताल मोड़ के पास शिव यादव नाम के शूटर ने एक शव यात्रा में दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी इस हत्याकांड से राजनीतिक गलियारें में काफी हो-हंगामा हुआ था, क्योंकि उस वक्त प्रदेश में समाजवादी पार्टी की ही सरकार थी और बंटू यादव को कद्दावर नेता शिवपाल यादव का सबसे अधिक करीबी माना जाता था। हालांकि इन सबके बावजूद भी बंटू के परिवार ने उस वक्त भी लखनऊ पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। परिवार का कहना था कि, शिव यादव तो केवल मोहरा भर था,, लेकिन इस पूरे हत्याकांड का सुपारी देने वाला यूपी का एक बड़ा बिल्डर था, जिसे लखनऊ पुलिस ने बचा लिया।

ये भी पढ़ें-यूपी में 1 दिसंबर से नए अंदाज में दिखेगी ट्रैफिक पुलिस, डीजीपी ने जारी किया निर्देश

ज्ञात हो कि, हजरतगंज के नरही में दिनदहाड़े दबंग सपा पार्षद अतुल उर्फ बंटू यादव को गोली मार दी गई। बंटू यादव एक शव यात्रा में शामिल होने गए थे।

करीब 50-60 लोगों की भीड़ में घुसे हमलावर ने बीच सड़क पर बंटू के सिर पर तमंचा सटाकर फायर झोंक दिया। गोली बाईं आंख के ऊपर माथे पर लगी और सिर के पिछले हिस्से को चीरते हुए निकल गई। लहूलुहान बंटू वहीं गिर पड़े थे।

गोली चलते ही भगदड़ मच गई। शव यात्रा में शामिल लोग गली और दुकानों की ओर दौड़ पड़े थे। इसी का फायदा उठाकर हमलावर भी फरार हो गया था। गंभीर रूप से घायल बंटू को सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद उन्हें वेंटीलेटर पर रखा था, जिसके कुछ दिनों बाद बंटू की मौत हो गई थी। घरवालों ने उस वक्त बिल्डर सिराज अहमद, बद्री यादव व उसके बेटे हिस्ट्रीशीटर शिव यादव पर गोली मरवाने का शक जताया था, लेकिन इस हत्याकांड में पुलिस ने शिव यादव को मुख्य आरोप मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

Share it
Top