लखनऊ विवि की लापरवाही से बीएड छात्रों की परेशानी बढ़ी

लखनऊ विवि की लापरवाही से बीएड छात्रों की परेशानी बढ़ीमहाविद्यालय ने लिया सिर्फ 50 का दाखिला, 36 को लौटाया

मोहम्मद तारिक - स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

करंजाकला (जौनपुर) । लखनऊ विवश्वविद्यालय की लापरवाही बीएड के 36 छात्रों पर भारी पड़ रही है। लखनऊ विवि की तरफ से 86 छात्रों को एडेड सीट पर दाखिले के लिए हंडिया पीजी कॉलेज, हंडिया भेजा गया था, लेकिन कॉलेज में एडेड की सिर्फ 50 सीट होने के कारण 50 छात्रों का एडमिशन हुआ और बाकी36 छात्रों को बैरंग लौटा दिया गया।

इसकी शिकायत छात्रों ने राजभवन की तो राजभवन ने लखनऊ विवि, पूर्वांचल विश्वविद्यालय और हंडिया पीजी कॉलेज से जवाब मांगा है। वहीं 36 छात्रों के दाखिले का क्या हुआ कोई भी स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। हालांकि पिछले दिनों कुछ छात्र पूर्वांचल विवि भी शिकायत लेकर पहुंचे थे।

इस मामले पर प्रभारी परीक्षा नियंत्रक, पूर्वांचल विवि संजीव सिंह ने बताया, “ बीएड की प्रवेश परीक्षा लखनऊ विवि ने कराई थी। यह गलती कहां से हुई और इस मामले में छात्रों के भविष्य को लेकर क्या फैसला हुआ इसकी जानकारी मुझे नहीं है।”

इस बार बीएड की प्रवेश परीक्षा लखनउ विवि ने कराई थी। लखनऊ विवि की ओर से वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबध इलाहाबाद हंडिया पीजी कॉलेज की सीट के बारे में गलत विवरण दे दिया गया। दरअसल, हंडिया पीजी कॉलेज में एडेड की 50 और सेल्फ फाइनेंस की 100 सीट है। जबकि लखनऊ विवि ने इसका उल्टा करते हुए एडेड में 100 और सेल्फ फाइनेंस में 50 कर दी।

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दिक्कत भी यहीं से शुरू हो गई। करीब 86 छात्रों ने हंडिया पीजी कॉलेज को च्वॉइस लॉक किया। इसके बाद छात्र एडमिशन के लिए महाविद्यालय पहुंच गए। महाविद्यालय ने अपना दामन बचाते हुए मेरिट के हिसाब 50 छात्रों का एडमिशन ले लिया और बाकी बचे छात्रों को वापस कर दिया। जब 36 छात्रों का एडमिशन नहीं हुआ तो उन लोगों ने इसकी शिकायत राजभवन में की। राजभवन से इस मामले में लखनऊ विवि, पूविवि और महाविद्यालय से जवाब मांगा। इसके बाद यह पूरा मामला खुला। पूविवि के अधिकारियों का कहना है कि यह गलती लखनऊ विवि के स्तर पर हुई है।

हालांकि लखनऊ विवि के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पूविवि से ही गलत रिपोर्ट भेजी गई थी। हालांकि इस पूरे में मामले में 36 छात्रों का क्या हुआ यह कोई स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। सिर्फ हवा में बात की जा रही है कि छात्रों को कॉलेज में समायोजित कर दिया गया है लेकिन कोई यह बताने के लिए तैयार नहीं है कि छात्रों को किस कॉलेज में समायोजित किया गया है। इससे यह लग रहा है कि छात्रों के भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है। सिर्फ राजभवन तक मामला पहुंचने के चलते इस पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है।

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डॉ एके सिंह, प्रिंसिपल, हंडिया पीजी कॉलेज, इलाहाबाद ने बताया कि हमारे कॉलेज में एडेड की 50 सीट थी और गलती से 86 छात्रों को भेज दिया गया था। इसलिए 50 छात्रों का एडमिशन लिया गया है। बाकी के छात्रों को लौटा दिया गया।

26 को नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कर्मचारी संघ में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आगामी 26 जुलाई को होगा। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अरुणांचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद शामिल होंगे। नवनिर्वाचित महामंत्री डॉ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह दिन में दो बजे से संगोष्ठी भवन में होगा।

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