यूपी के इस गाँव में बनते हैं मनीष मल्होत्रा के डिज़ाइनर कपड़ें, जिसे पहनता है पूरा बॉलीवुड  

यूपी के इस गाँव में बनते हैं मनीष मल्होत्रा के डिज़ाइनर कपड़ें, जिसे पहनता है पूरा बॉलीवुड   यूपी के मिजवान में काम करती महिलायें 

लखनऊ। अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, रणबीर कपूर, इमरान खान, नेहा धूपिया, दिया मिर्जा, शत्रुघ्न सिन्हा, अक्षय कुमार, फरहान अख्तर, शबाना आज़मी और भी ना जाने कितने ऐसे बॉलीवुड स्टार हैं जो उत्तर प्रदेश के मिजवान गाँव के बने डिजाईनर कपड़े पहनते हैं। और इन कपड़ों को भारत के बड़े फैशन डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा डिज़ाइन करते हैं।

फोटो साभार - मिजवान डॉट ओ आर जी

जी हाँ, ये बात आपको चौंकाने वाली ज़रूर है, लेकिन ये सोलह आने सच है। उत्तर प्रदेश के ज़िला आज़मगढ़ से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर तहसील फूलपुर का ये मिजवान गाँव है, जहां की लड़कियां और महिलायें इन कपड़ों को तैयार करती हैं। आपको बता दें कि मनीष मल्होत्रा अलग अलग परिधानों को डिज़ाइन करने के लिए भारत के साथ साथ विदेशों में भी काफ़ी प्रसिद्ध है।

इस गाँव में शबाना आज़मी के पिता कैफ़ी आज़मी का बनवाया एक घर भी है। 14 जनवरी 1919 को जन्मे कैफ़ी आज़मी साहब ने अपने बचपन के दिन इसी गाँव में बिताये थे । उन्हें 1973 में ब्रेन हैमरेज से लड़ते हुए एक नया दर्शन मिला। अपने गाँव मिजवान में कैफ़ी आज़मी ने स्कूल, अस्पताल, पोस्ट ऑफिस, और सड़क बनवाने में मदद की।

'कर चले हम फ़िदा, जान–ओ–तन साथियों’ गीत लिख कर कैफ़ी साहब हमेशा के लिए अमर हो गए। सन 2002 में कैफ़ी आज़मी की मृत्यु के बाद बेटी शबाना आज़मी इस गाँव में आकर पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने में जुट गयीं। शबाना आज़मी आज भी पिता के बनवाये उसी मकान में मुंबई से आकर कभी- कभी रुकती भी हैं। फ़तेह मंज़िल के नाम से बना ये मकान फूलपुर तहसील से सिर्फ दो किलोमीटर की दूरी पर है ।

फोटो साभार - मिजवान डॉट ओ आर जी

शबाना आज़मी ने पिता की मृत्यु के बाद मिजवान गाँव के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। पिता कैफ़ी आज़मी ने मिजवान वेलफेयर सोसाइटी नाम से एक NGO की 1993 में स्थापना की थी जिसे शबाना आज़मी ने आगे बढाया ।

मिजवान के कपड़ों की धूम विदेशों में

फोटो साभार - मिजवान डॉट ओ आर जी

अपने NGO के माध्यम से शबाना कई मशहूर फैशन डिज़ाइनर के कपड़े बनवाती हैं। जिनमें से मनीष मल्होत्रा, अनीता डोगरे, जयंती रेड्डी, एस एन डी डिज़ाइनर, कुशीना बहल जैसे नाम मुख्य हैं। इन मशहूर डिज़ाइनर के द्वारा कपड़ों की डिज़ाइन की जाती है जिसे आपके पहनने लायक शबाना आज़मी का NGO बनाता है। जिसे बाद में मुंबई में बॉलीवुड के एक्टरों द्वारा फैशन शो के जरिये दुनिया के सामने लाया जाता है। कई बड़े फैशन शो विदेशों में भी हुए हैं जिसमें मिजवान कलेक्शन यू.एस.ए. मुख्य है ।

फोटो साभार - मिजवान डॉट ओ आर जी

पूरे गाँव को शबाना आज़मी ने दिया रोजगार

शबाना आज़मी ने पिता के सपनों को पूरा करते हुए मिजवान गाँव में कई बड़े काम किये, जिसमें गाँव के लोगों को रोजगार देना प्रमुख है। शबाना आज़मी के गाँव (मिजवान) में लगभग 100 से ज़्यादा परिवार रहते हैं। जिसमें शिया समुदाय की बाहुल्यता है। साथ ही हिन्दुओं में प्रजापति, कुम्हार जाति के लोग भी रहते हैं। शबाना आज़मी ने पूरे गाँव को अपने NGO के माध्यम से रोजगार दिया है जिसकी बदौलत आज पूरा मिजवान गाँव खुश है गाँव के हर व्यक्ति को आज लगभग चार से पांच हजार की आमदनी हो जाती है।

मिजवान गाँव आया wifi ज़ोन में

फोटो साभार - मिजवान डॉट ओ आर जी

शबाना आज़मी ने मिजवान गाँव को वाईफाई ज़ोन में लाने के लिए मुंबई में भारतीय स्टेट बैंक की इंडिया चीफ अरुंधती भट्टाचार्या से मुलाक़ात कर मिजवान को डिजिटल गाँव बनाने के लिए आग्रह किया। जिसके कुछ दिनों बाद पूरा मिजवान गाँव wifi ज़ोन में आ गया साथ ही गाँव में गर्मियों के दिनों में ठंडा पानी पीने के लिए स्टेट बैंक द्वारा दो वाटर कूलर का भी इंतजाम किया गया। इसके साथ ही गाँव के अंदर ही बैंक द्वारा ग्राहक सेवा केंद्र की भी स्थापना की गयी।

शिक्षा व्यवस्था में अव्वल है मिजवान गाँव

इस गाँव में तीन सरकारी स्कूल हैं, जिसमें प्राइमरी, जूनियर के साथ कस्तूरबा गाँधी स्कूल है। जिसमें मिजवान गाँव के साथ आस-पास के तकरीबन आठ से दस गाँव के बच्चे पढ़ने आते हैं। इसके बावजूद भी कैफ़ी आज़मी हाई स्कूल, कैफ़ी आजमी इंटर कॉलेज लड़कियों के लिए जिसके साथ में कैफ़ी आज़मी टेलरिंग सेंटर भी है। इन सभी व्यवस्थाओं से मिवान गाँव तो लाभान्वित होता ही है इसके साथ में और भी कई गाँव इसका पूरा लाभ उठा रहे है ।

गाँव में होता है स्किल डेवलपमेंट

शबाना आज़मी अपनी संस्था के माध्यम से लोगों को कई प्रकार की ट्रेनिंग भी दिलवाती हैं जिसमें हैण्ड एम्ब्रायडी, जरदोजी, सिलाई, कढ़ाई की ट्रेनिंग एक्सपर्ट्स ने दी है।

गाँव में होती है शबाना की पूजा

मिजवान गाँव के लोग शबाना अाज़मी के बारे में बताते हैं, “ हमारे लिए तो शबाना जी किसी भगवान् से कम नहीं हैं। आज हमारे पास जो कुछ भी है वो शबाना जी की ही देन है। एक लड़की जिसने शबाना आज़मी के NGO में काम सीख कर खुद को आत्मनिर्भर बनाया उसका कहना था कि “ मेरे घर में दो भगवान् की फोटो है - एक शबाना जी की, दूसरी दुर्गा जी की” ।

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