इलाहाबाद बोर्ड की गलती: संस्कृत के शिक्षक को बनाया गणित का परीक्षक

इलाहाबाद बोर्ड की गलती: संस्कृत के शिक्षक को बनाया गणित का परीक्षकसंस्कृत के शिक्षक बालतीज को गणित की कापियां जांचने का बोर्ड से भेजा गया आदेश।

अजय मिश्र, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

कन्नौज। संस्कृत के शिक्षक को जब गणित की उत्तरपुस्तिकाएं जांचने का आदेश दिया जाएगा, तो क्या होगा परीक्षार्थियों का भविष्य। कुछ ऐसा ही कारनामा माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद बोर्ड ने किया है, जिसका खामियाजा कई परीक्षक भी भुगत रहे हैं। जिले के करीब 30 शिक्षकों के साथ ऐसा हुआ है।

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जिला मुख्यालय से करीब 19 किमी दूर बसे तिर्वा तहसील क्षेत्र के किनौरा गाँव में एके रहमानियां इंटर कॉलेज का है। यहां के टीचर सुजीत प्रताप सिंह सामाजिक विज्ञान पढ़ाते हैं। सुजीत के लिए बोर्ड से जो आदेश आया है, उसमें सुजीत को सामाजिक विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने का जिक्र है।

कम्प्यूटर की वजह से त्रुटि हुई है। अर्हता के हिसाब से विषय बदल दिए जाएंगे। मोबाइल रखते हैं लेकिन बंद करके। पहले दिन की अपेक्षा हाजिर बढ़ी है।
केपी सिंह, डीआईओएस

शहर स्थित केएस हायर सेकेंड्री स्कूल मकरंदनगर के 50 वर्शीय षिक्षक बालजीत वर्मा ने बताया कि "मैं संस्कृत का शिक्षक हूं। गणित की कापियां जांचने का पत्र मिला है, कैसे जांचूंगा।’वह आगे बताते हैं कि प्रिंसिपल को विषय बदलने का प्रार्थना पत्र दिया है, लेकिन वह लिख नहीं रहे थे।’’

एके रहमानिया इंटर कालेज ने बताया कि शिक्षक सुजीत सामाजिक विज्ञान का विषय देखते हैं।

यही नहीं छिबरामऊ के हीरालाल वीएन इंटर कॉलेज के शिक्षक गोविंद बाबू सक्सेना का दर्द भी कुछ ऐसा ही है। वह बताते हैं कि ‘‘सामाजिक विषय पढ़ाते हैं, लेकिन हिन्दी की काॅपी जांचने का आदेश पत्र बोर्ड से मिला है।’’ केकेसीएन इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य रामगोपाल वर्मा ने बताया,“ उनके पास अभी तक पांच शिक्षकों ने विषय बदलने के प्रार्थना पत्र दिए हैं। बोर्ड की गलती से बदले हुए विषय आए हैं।” केके इंटर कालेज के प्रधानाचार्य वीके श्रीवास्तव ने बताया कि ‘‘12 अप्लीकेशन शिक्षकों ने दी हैं, जिसमें विषय बदलने की बात कही गई है।’’

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