मथुरा हत्याकांड: दर्जनों दबिश के बाद पकड़े गए पांच आरोपी, हफ्ते भर से की थी रेकी

मथुरा हत्याकांड: दर्जनों दबिश के बाद पकड़े गए पांच आरोपी, हफ्ते भर से की थी रेकीरंगा बिल्ला गैंग के सदस्यों ने दिया था वारदात को अंजाम।

मथुरा। मथुरा के होली गेट स्थित कोयलावाली गली में पांच दिन पहले हुए सर्राफा कारोबारी की हत्या व लूटकांड में 6 आरोपी को पुलिस ने चौबियापाड़ा के हनुमान गली से गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक बदमाश को उसी घटना के दौरान गोली लगी थी, जिसका इस समय पुलिस जिला अस्पताल में इलाज कर रही है।

एसएसपी विपिन कुमार मिश्रा ने बताया, "शनिवार तड़के पांच बजे बदमाशों के साथ पुलिस का मुठभेड़ हुआ, जो करीब 6.30 बजे सुबह तक चला है। इसके बाद पुलिस ने रंगा बिल्ला और चीमा सहित 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मी जख्मी हो गए हैं। वहीं 2 बदमाश गोली लगने के बाद घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।"

एसएसपी ने बताया कि पुलिस की टीम ने बदमाशों द्वारा लूटी गई ज्वैलरी बरामद कर ली गई है। इस वारदात में इस्तेमाल हथियार भी जब्त कर लिया गया है। इससे पहले पुलिस ने 20 अपराधियों को हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान हो पाई थी. इसमें कुख्यात रंगा बिल्ला भी शामिल था।

शनिवार तड़के पांच बजे बदमाशों के साथ पुलिस का मुठभेड़ हुआ, जो करीब 6.30 बजे सुबह तक चला है। इसके बाद पुलिस ने रंगा बिल्ला और चीमा सहित 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मी जख्मी हो गए हैं। वहीं 2 बदमाश गोली लगने के बाद घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”
विपिन कुमार मिश्रा, एसएसपी

दो सराफा व्यवसायियों की हुई थी हत्या

गत 15 मई को मथुरा के होली गेट स्थित मयंक चेन्स नाम की ज्वैलर्स की दुकान में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दो सराफा व्यवसायियों मेघ अग्रवाल और विकास अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बदमाश चौबियापाड़ा की ओर भागते हुए फरार हो गए थे। तब से सराफा व्यवसायी और पीड़ितों के घरवाले आंदोलित थे। शुक्रवार को प्रदेशव्यापी सराफा बंदी भी थी। मुख्यमंत्री योगी के प्रतिनिधि के रूप में ऊर्जा मंत्री और स्थानीय विधायक श्रीकांत शर्मा और डीजीपी सुलखान सिंह ने भी मथुरा का दौरा किया था और पीड़ितों के घरवालों से मुलाकात की थी।

पुलिस पर बढ़ रहा था दबाव

पुलिस पर दबाव बढ़ रहा था। वह ताबड़तोड़ दबिशें दे रही थी। एसटीएफ समेत पुलिस की आठ टीमें लगाई गई थीं। शुक्रवार को पुख्ता सूत्र की निशानदेही पर दिन भर स्थानीय चौबियापाड़ा में दबिश चल रही थी। रात में मुठभेड़ की बात भी सामने आई थी, लेकिन बाद में इसे कोरी अफवाह करार दिया गया।

दर्जनों दी गई दबिश

पुलिस ने ब्रज क्षेत्र में दर्जनों दबिश दी। मथुरा में रात भर की दबिश के बाद पुलिस ने चौबियापाड़ा की हनुमान गली से ही 5 बदमाशों राकेश उर्फ रंगा, यूसुफ, आदित्य, आयुष और कामेश को गिरफ्तार किया है। रंगा पर ही पुलिस को था शक।धीरज नामक एक बदमाश के पेट में गोली लगने की बात भी सामने आयी है। उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसकी सूचना जंगल में आग की तरह फैली तो जिला अस्पताल में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

जेल से अपराधी की निशानदेही पर पकड़ा

पुख्ता सूत्र के मुताबिक पुलिस ने रात में एक अपराधी को जेल से लेकर उसकी निशानदेही पर इन्हें पकड़ा। उसे इनके ठिकाने पता थे। पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका खुलासा कर सकती है।

एक सप्ताह से कर रहे थे रेकी

सरगना राकेश उर्फ रंगा ने मयंक चेन्स पर लूट की साजिश रची थी। सप्ताह भर से रेकी कर रहे थे। हर रोज शाम को पांच से सात बजे के बीच में मयंक चेन्स पर जाते थे, कितने लोग रहते हैं, कौन सी दुकानें बंद हो जाती हैं और भागने के रास्ते क्या हो सकते हैं। सब कुछ नोटिस किया था।

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मुख्य बदमाश रंगा की बीवी से भी मिला सुराग

राकेश उर्फ रंगा की पत्नी का नाम सोना है। उसे तीन दिन पहले ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रंगा पर शक जाहिर किया गया था। पुलिस उसी दिशा में काम कर रही थी। तीर सही निशाने पर लगा और शनिवार की सुबह गिरफ्तारी हो गई।

पांच पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित

इस वारदात पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी से गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। एसएसपी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस चौकी प्रभारी सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

सीसीटी से पहचान में मदद

एसएसपी ने बताया था कि विकास अग्रवाल के छोटे भाई मयंक अग्रवाल, दुकान के कारीगर अशोक साहू और महमूद अली का इलाज चल रहा है। इस मामले को हल करने के लिए पांच टीमें गठित की गई थीं। बाजार के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हत्यारों की पहचान करने के प्रयास किए गए थे। पुलिस के आलाधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया था।

ये हुए हैं गिरफ्तार

राकेश उर्फ़ रंगा

कामेश उर्फ़ चीना

आयुष

छोटू

नीरज, (आगरा रेफर)

और विष्णु ( मकान मालिक)

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