आधार कार्ड के बिना मुश्किल में नेपाली छात्र

आधार कार्ड के बिना मुश्किल में नेपाली छात्ररजिस्ट्रेशन की इंतजारी में दिन काट रहे छात्र

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

शोहरतगढ़। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा नए सत्र में बिना आधार कार्ड के प्रवेश पर लगी रोक चलते मित्र राष्ट्र नेपाल के छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। बिन आधार कार्ड के प्रवेश लेने के इच्छुक हजारों छात्र रजिस्ट्रेशन की इंतजारी में दिन काट रहे हैं।

बार्डर क्षेत्र के इलाकों में भविष्य संवारने वाले नेपालियों के प्रवेश के लिए डीआईओएस ने बोर्ड को चिट्ठी लिखी है, लेकिन अब तक जवाब न मिलने से छात्रों को परेशान करके रख दिया है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र ने सत्र 2017-18 में फर्जी प्रवेश को रोकने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दिया है, लेकिन मित्र राष्ट्र नेपाल के छात्रों के पास आधार कार्ड न होने से भविष्य अधर में लटक गया है। जुलाई माह में शुरू हुए प्रवेश के दौरान आधार कार्ड की अनिवार्यता सुन हजारों छात्र कक्षा 9 व 11 में रजिस्ट्रेशन की इंतजारी में महीना खत्म कर दिए, लेकिन आधार कार्ड का मुसीबत टलने का नाम नहीं ले रही है।

डॉ. राजबहादुर मोर्य, डीआईओएस ने बताया , “ माध्यमिक शिक्षा परिषद को दो- दो बार पत्र लिखकर मार्ग दर्शन मांगा गया है, लेकिन जवाब न मिल पाने से संकट की स्थिति बनी है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रयास जारी है, जैसे ही कोई सूचना मिलती है वैसे ही रजिस्ट्रेशन फार्म भर कर प्रवेश ले लिया जाएगा।”

ये भी पढ़ें - यूपी के इस गाँव में बनते हैं मनीष मल्होत्रा के डिज़ाइनर कपड़ें , जिसे पहनता है पूरा बॉलीवुड

जनपद सिद्धार्थनगर के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने नेपालियों के प्रवेश को लेकर दो-दो बार परिषद को पत्र लिखकर मार्ग दर्शन मांगा है,लेकिन अब तक जवाब न मिलने से छात्र भविष्य को लेकर परेशान हैं। जबकि बार्डर क्षेत्र से सटे जनपद सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर और बहराइच नेपाली छात्रों के भविष्य संवारने का मुफीद केंद्र है। इन्हीं जनपदों के कॉलेजों में प्रतिवर्ष हजारों नेपाली छात्र प्रवेश लेते हैं, इसकी जानकारी बोर्ड को होने के बाद भी छात्रों के भविष्य को लेकर विभाग संजीदा नहीं है।

शिवपति इंटर कॉलेज शोहरतगढ़ के प्रधानाचार्य डॉ. नलिनीकांत मणि त्रिपाठी ने बताया,“ कक्षा 9 व 11 में प्रवेश के लिए लगभग 450 फार्म जमा हैं, लेकिन आधार कार्ड बगैर रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) फार्म नहीं भरा जा सकता है।’’ वो आगे बताते हैं कि हालांकि विवि में विदेशी नागरिकों को नागरिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाता है,लेकिन यहां आधार कार्ड के अलावा अन्य विकल्प न होने से संकट बना है। इससे सीमावर्ती जिलों में नेपालियों का प्रवेश नहीं हो पा रहा है।

ये भी पढ़ें - कारगिल विजय दिवस : वो तस्वीरें जो भारतीय सेना के संघर्ष की कहानी बयां करती हैं

परेशान छात्र मनसून का कहना है, “नागरिकता के आधार पर प्रवेश ले लिया जाए,तो हम सभी का भविष्य सुधर जाएगा। बेहतर शिक्षा के लिए हम लोग यहां पर प्रवेश लेना चाहते हैं,लेकिन अब हमारे सामने यह बड़ी दिक्कत खड़ी हो गई है।”

कृषि की सीटें रह जाएंगी खाली

शिवपति इंटर कॉलेज में नेपाली छात्र साइंस विभाग के अलावा कृषि विभाग की सीटों पर शत प्रतिशत प्रवेश लेते हैं, अगर नेपालियों का प्रवेश नहीं हुआ तो कृषि की सीटें रिक्त रह जाएंगी।

नागरिकता से विवि में प्रवेश

विदेशी छात्रों को विश्व विद्यालयों में प्रवेश के लिए नागरिकता को आधार मानकर प्रवेश दिया जाता है। यहां भी नागरिकता को बेस मान लें तो हजारों छात्रों का भविष्य संवार जाएगा।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top