नया गन्ना पेराई सत्र शुरू, नहीं हो सका गन्ना किसानों का पुराना भुगतान 

नया गन्ना पेराई सत्र शुरू, नहीं हो सका गन्ना किसानों का पुराना भुगतान गन्ना उत्पादन में यूपी इसलिए है आगे।

प्रियांशु तोमर (स्वयं कम्युनिटी जनर्लिस्ट)

पीलीभीत। जिले में एक सप्ताह पूर्व गन्ने के नए पेराई सत्र की शुरुआत ललित हरि चीनी मिल द्वारा किया जा चुका है। करीब 15 दिन पूर्व बजाज शुगर फैक्ट्री बरखेड़ा भी नई पेराई सत्र के लिए अपना बॉयलर पूजन कर चुकी है। किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर का तो यह हाल है कि उसमें अभी सफाई कार्य ही चल रहा है। उसके हालात को देख कर यह महसूस होता है कि किसान चीनी मिल बीसलपुर का नया पेराई सत्र 10-15 दिन से पहले नहीं शुरू हो पाएगा। बजाज शुगर मिल बरखेड़ा का प्रशासन भी मात्र अपना बॉयलर पूजन करके खामोश बैठ गया।

जनपद की मात्र एक शुगर फैक्ट्री ललित हरि चीनी मिल ही एक ऐसी चीनी मिल है जिसने अपना पिछला पेराई सत्र खत्म होने के मात्र 15 दिन के अंदर जनपद के किसानों का गन्ना पूरा भुगतान कर दिया था। लेकिन जनपद की अन्य तीन चीनी मिलें बरखेड़ा की बजाज शुगर फैक्ट्री एवं किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर व सहकारी चीनी मिल पूरनपुर पर जनपद के किसानों का 29.78 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके बाद भी इन मिलों के क्षेत्र में पढ़ने वाले गन्ना किसानों को इन डिफाल्टर चीनी मिलों के भरोसे ही छोड़ दिया गया।

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वैसे तो व्यापार का यह नियम है कि व्यापारी अपने माल को जहां चाहे, जब चाहे बेच सकता है, लेकिन यह नियम देश के अन्नदाता कहे जाने वाले किसान पर लागू नहीं होता, क्योंकि उसे अपनी गन्ने की फसल को ना चाहते हुए भी इन्हीं चीनी मिलों को देना पड़ता है जिनको वह बेचना नहीं चाहते। पिछले वर्ष पिराई सत्र खत्म होने के बाद लगातार इन मिलों से थोड़ा-थोड़ा भुगतान किया जा रहा है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जिले में नया गन्ना पिराई सीजन शुरू होने के बाद भी इन मिलों ने बकाया गन्ना भुगतान किसानों को नहीं दिया है। बजाज शुगर फैक्ट्री बरखेड़ा पर किसानों का 19.74 करोड़ रुपए पिछला बकाया हैं, जबकि किसान सहकारी चीनी मिल पूरनपुर पर 5.08 करोड़ रुपए और किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर पर 5.05 करोड़ रुपए बकाया हैं।

प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के वक्त प्रदेश में नवनिर्वाचित सरकार ने अपने चुनावी वादों में प्रदेश के गन्ना किसानों के नए सत्र शुरू होने से पहले एक-एक पैसा दिलाने का वादा किया था। सरकार का यह वादा खोखला साबित हुआ और प्रदेश के गन्ना किसानों का पूर्ण भुगतान ना मिलने के बाद भी उन्हीं मिलों को गन्ना देना पड़ रहा है जिन्होंने अभी तक पूरा भुगतान नहीं किया है।

इस बारे में जब जनपद के जिला गन्ना अधिकारी राजेश्वर यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि "जनपद की ललित हरि चीनी मिल किसानों के एक-एक पैसे का भुगतान कर चुकी है। जनपद की अन्य तीनों मिलो से भी यह कोशिश की जा रही है कि इन मिलों का नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले पूर्ण भुगतान करा दिया जाए।"

इस बारे में जब बरखेड़ा ब्लॉक के गाँव काजरभोजी के (70 वर्षीय) कृष्णपाल सिंह से जब गन्ना भुगतान के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि "बजाज शुगर फैक्ट्री बरखेड़ा पर हमारा पिछले सत्र का गन्ना भुगतान बकाया है। उसके बाद भी मजबूरन हमें इसी मिल में गन्ना सप्लाई करना पड़ेगा।"

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